भारत का पारंपरिक मखाना वैश्विक पहचान बना रहा है। पीआईबी हिंदी के अनुसार, 2025–26 में इसका उत्पादन 80,590 मीट्रिक टन रहा।

मखाने को पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि यह पारंपरिक सुपरफूड सेहत के साथ कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रमुख आंकड़े

  • उत्पादन: 80,590 मीट्रिक टन
  • औसत उपज: 2.34 MT प्रति हेक्टेयर

पीआईबी हिंदी ने इन आंकड़ों को कृषि क्षेत्र में उत्पादन के नए कीर्तिमान से जोड़ा है। पोस्ट में मखाने की बढ़ती वैश्विक पहचान और इसके पारंपरिक खाद्य महत्व को भी रेखांकित किया गया है।