दर्दनिवारक दवाओं और एंटीबायोटिक्स के गलत या बिना जरूरत इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के लिए सावधानियां जारी की गई हैं। सलाह में मरीजों, डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, दवा विक्रेताओं, अस्पतालों और राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोल प्राधिकरणों की जिम्मेदारियां बताई गई हैं।

मरीजों के लिए मुख्य सावधानियां

एंटीबायोटिक्स केवल स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार लेने को कहा गया है। इन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए और बची हुई दवाओं से खुद इलाज भी नहीं करना चाहिए। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि ज्यादातर साधारण वायरल संक्रमणों में एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती।

किडनी की पहले से बीमारी या किडनी पर असर पड़ने का जोखिम रखने वाले लोगों को NSAIDs लेने से पहले अपने स्वास्थ्यकर्मी को इसकी जानकारी देनी चाहिए। दर्द, बुखार या दूसरे लक्षण बने रहने अथवा दोबारा लौटने पर बार-बार painkillers या एंटीबायोटिक्स लेने के बजाय चिकित्सा सलाह लेने को कहा गया है।

डॉक्टरों के लिए उपचार संबंधी निर्देश

सलाह के अनुसार NSAIDs और एंटीबायोटिक्स तभी लिखे जाने चाहिए, जब उनकी चिकित्सकीय जरूरत हो। डॉक्टरों को मरीज की clinical condition, उम्र, साथ मौजूद बीमारियों, चल रही दूसरी दवाओं और संबंधित जोखिमों पर विचार करना चाहिए।

NSAIDs लिखते समय कम से कम प्रभावी dose और उचित रूप से कम अवधि पर विचार करने को कहा गया है। किडनी की समस्या, शरीर में पानी की कमी, हृदय संबंधी बीमारी या NSAIDs से जुड़े जोखिम बढ़ाने वाली अन्य स्थितियों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत बताई गई है।

एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल सोच-समझकर और antimicrobial stewardship के सिद्धांतों के अनुसार करने की सलाह दी गई है। इसमें संक्रमण के संभावित कारण, संक्रमण का स्थान, उसकी गंभीरता और जहां जरूरी हो, microbiological जांच तथा स्थानीय दवा-संवेदनशीलता के पैटर्न को ध्यान में रखना शामिल है।

बिना जरूरत combination therapy, गलत एंटीबायोटिक का चयन, गलत dose और इलाज की जरूरत से ज्यादा लंबी अवधि से बचने को कहा गया है।

फार्मेसी और अस्पतालों की जिम्मेदारी

फार्मासिस्ट, दवा विक्रेता और वितरक Schedule H, Hएक तथा दूसरी prescription medicines की बिक्री और वितरण से जुड़े कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करें। Schedule H और Hएक दवाओं की retail sale लागू नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए।

फार्मासिस्टों और विक्रेताओं को एंटीबायोटिक्स के साथ self-medication या prescription-only NSAIDs को बढ़ावा देने अथवा आसान बनाने से बचने को कहा गया है। इन दवाओं के labels पर दिए गए warnings और sale conditions का भी पालन करना होगा।

अस्पतालों और health-care institutions को NSAIDs और एंटीबायोटिक्स के rational prescribing तथा monitoring की व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी गई है। इसमें antimicrobial stewardship, prescription review और मरीजों को उचित counselling देने पर जोर है।

जागरूकता और अगला कदम

State और UT Drugs Control Authorities से healthcare professionals, pharmacists, retailers और आम लोगों के बीच NSAIDs तथा एंटीबायोटिक्स के indiscriminate use से जुड़े जोखिमों को लेकर awareness बनाने को कहा गया है।

दस्तावेज में Drugs and Cosmetics Act, 1940 और Drugs Rules, 1945 के लागू प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है। इसका उद्देश्य avoidable adverse drug reactions, renal complications और antimicrobial resistance को रोकना है।

निष्कर्ष

सलाह का मुख्य संदेश यह है कि NSAIDs और एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल जरूरत, मरीज की स्थिति और लागू prescription नियमों के अनुसार होना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. NSAIDs के इस्तेमाल में किसे खास सावधानी रखनी चाहिए?

किडनी की बीमारी, डिहाइड्रेशन, हृदय संबंधी बीमारी या किडनी पर असर के जोखिम वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए।

Q. क्या एंटीबायोटिक्स किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा की जा सकती हैं?

नहीं। एंटीबायोटिक्स स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार लेनी चाहिए और साझा नहीं करनी चाहिए।

Q. साधारण वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक्स जरूरी हैं?

दस्तावेज के अनुसार ज्यादातर साधारण वायरल संक्रमणों में एंटीबायोटिक्स clinically indicated नहीं होतीं।

Q. लक्षण बने रहने पर क्या करना चाहिए?

दर्द, बुखार या दूसरे लक्षण बने रहने या लौटने पर चिकित्सा सलाह लेने को कहा गया है।

Q. Schedule H और Hएक दवाओं की बिक्री कैसे होनी चाहिए?

इनकी retail sale लागू प्रावधानों और Drugs Rules, 1945 के अनुसार होनी चाहिए।

Q. डॉक्टरों को एंटीबायोटिक्स लिखते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

उन्हें मरीज की clinical condition, उम्र, co-morbidities, दूसरी दवाओं और संक्रमण से जुड़े relevant factors पर विचार करना चाहिए।