ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई एक छोटी बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू करने के बाद शी से पूछा था, “इज इट ओके?” यानी क्या सब ठीक है।
इस सवाल का संदर्भ बाद में सामने आए रूस के टीवी चैनल ‘रोसिया वन’ के वीडियो से स्पष्ट होता है। वीडियो में शी जिनपिंग अपने ट्रांसलेशन ईयरपीस को ठीक करते दिखाई देते हैं। उनके आसपास मौजूद कुछ लोग भी इस दौरान उनकी मदद करते नजर आते हैं।
बातचीत का संदर्भ कैसे बदला
पहले सामने आए वीडियो में शी के आसपास की पूरी स्थिति दिखाई नहीं दे रही थी। इसी वजह से पीएम मोदी के सवाल को उनकी सेहत से जोड़कर देखा जाने लगा। नए वीडियो में ट्रांसलेशन डिवाइस से जुड़ी परेशानी नजर आने के बाद बातचीत का संदर्भ अलग रूप में सामने आया।
शी जिनपिंग के ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के दौरान उनकी तबीयत को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए गए थे। कुछ भारत यात्रा के दौरान उनकी सेहत खराब हो गई थी। उनके देर रात हुए गाला डिनर में शामिल नहीं होने को भी इन्हीं दावों से जोड़ा गया।
यह भी दावा किया गया कि चीन पहुंचने के बाद शी को एयरपोर्ट से सीधे मिलिट्री हेलीकॉप्टर के जरिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। चीन सरकार की ओर से भी इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। चीन से जुड़े कुछ सरकार समर्थित सोशल मीडिया हैंडल ने इन दावों को खारिज किया था।
भारत-चीन संबंधों का संदर्भ
ब्रिक्स सम्मेलन शी जिनपिंग की लंबे समय बाद भारत यात्रा का अवसर था। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और शी के बीच गर्मजोशी से बातचीत हुई थी। गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद यह शी की पहली भारत यात्रा थी।
गलवान की घटना के बाद भारत और चीन के संबंधों में तनाव बढ़ा था। सीमा पर बढ़े तनाव के बीच भारत ने चीनी सोशल मीडिया ऐप पर भी रोक लगाई थी। दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव का असर आम लोगों के बीच बने माहौल पर भी दिखाई दिया था।
बाद में रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े बदलते घटनाक्रमों के बीच भारत और चीन के रिश्तों में फिर नजदीकी के संकेत दिखे। इसके बाद पीएम मोदी ने चीन की यात्रा की और शी जिनपिंग भारत आए। उनकी यात्रा कुछ घंटों की थी, लेकिन इस दौरान वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़े स्तर पर नजर आए।
मुख्य बात क्या है
नए वीडियो में दिख रहा ईयरपीस से जुड़ा क्षण यह समझने में मदद करता है कि पीएम मोदी का सवाल किस संदर्भ में था। इससे शी जिनपिंग की सेहत को लेकर चल रही सोशल मीडिया अटकलों को पुष्ट आधार नहीं मिलता।
निष्कर्ष
रूसी टीवी वीडियो में बातचीत का व्यापक संदर्भ सामने आने के बाद पीएम मोदी के सवाल को ट्रांसलेशन ईयरपीस की परेशानी से जोड़कर देखा जा रहा है। शी जिनपिंग की बीमारी से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से क्या पूछा था?
पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से “इज इट ओके?” पूछा था। इसका मतलब है, क्या सब ठीक है।
Q. शी जिनपिंग ने उस समय क्या किया?
वीडियो में शी जिनपिंग अपने ट्रांसलेशन ईयरपीस को ठीक करते दिखाई देते हैं। आसपास मौजूद कुछ लोग उनकी मदद करते नजर आते हैं।
Q. शी जिनपिंग की तबीयत खराब होने की खबरों की पुष्टि हुई थी?
नहीं, उनकी तबीयत खराब होने से जुड़े दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
Q. शी जिनपिंग गाला डिनर में क्यों नहीं पहुंचे थे?
उनके गाला डिनर में शामिल नहीं होने की वजह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं की गई थी। इसे उनकी सेहत से जुड़े दावों के साथ जोड़ा गया था।
Q. शी जिनपिंग की भारत यात्रा क्यों चर्चा में रही?
गलवान घाटी की झड़प के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और शी के बीच बातचीत हुई थी।












