टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बोर्ड के अनुरोध पर दोबारा नियुक्ति नहीं लेने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सहमति दे दी है। 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में उन्हें मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद 5 साल के एक और कार्यकाल के लिए कार्यकारी चेयरमैन बनाए रखने के पक्ष में बहुमत से फैसला लिया गया।
बोर्ड अब इस फैसले को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के लागू दिशानिर्देशों के मुताबिक कदम उठाएगा। इसके साथ ही टाटा ट्रस्ट्स और अन्य संबंधित पक्षों से जरूरी मंजूरियां लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नियुक्ति को लेकर घटनाक्रम
टाटा संस के बयान के मुताबिक, बोर्ड को 28 जुलाई 2025 को टाटा ट्रस्ट्स का सर्वसम्मत प्रस्ताव मिला था। इसमें एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व की सराहना की गई और मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें 5 साल के एक और कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी।
सितंबर 2025 में टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन को 5 साल के अगले कार्यकाल के लिए कार्यकारी चेयरमैन के रूप में फिर नियुक्त करने पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। हालांकि, प्रस्ताव पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी।
फरवरी 2026 में फैसला टाल दिया गया। इसके बाद मई 2026 और जून 2026 में हुई बैठकों में भी इस मामले पर चर्चा हुई, लेकिन समाधान नहीं निकला।
चंद्रशेखरन ने पहले क्या फैसला लिया था
12 अगस्त 2026 को चंद्रशेखरन ने अपने मौजूदा कार्यकाल की अवधि पूरी होने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करने का फैसला किया था।
इसके बाद 3 सितंबर 2026 को टाटा संस के बोर्ड की नामांकन और पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) ने इस मामले पर चर्चा की। समिति ने चंद्रशेखरन से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करने का सर्वसम्मत फैसला लिया।
बोर्ड के मुताबिक, यह अनुरोध उनके योगदान और टाटा समूह के बड़े हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया था। 17 सितंबर की बैठक में चंद्रशेखरन ने बोर्ड की अपील स्वीकार कर ली।
आगे की प्रक्रिया
बोर्ड ने 5 साल के नए कार्यकाल के लिए चंद्रशेखरन की फिर नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है। अब नियामकीय दिशानिर्देशों के तहत जरूरी कदम और संबंधित पक्षों की मंजूरी इस प्रक्रिया का अगला हिस्सा होगी।
# मुख्य बातें
- चंद्रशेखरन ने दोबारा नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की सहमति दी है।
- बोर्ड ने उन्हें 5 साल के एक और कार्यकाल के लिए कार्यकारी चेयरमैन बनाने के पक्ष में फैसला किया है।
- फैसला 17 सितंबर 2026 की बोर्ड बैठक में लिया गया।
- आगे भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों और संबंधित मंजूरियों की प्रक्रिया होगी।
निष्कर्ष
टाटा संस में एन चंद्रशेखरन की अगली नियुक्ति पर प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। उनका पुनर्विचार बोर्ड के अनुरोध के बाद हुआ और अब जरूरी नियामकीय तथा संबंधित पक्षों की मंजूरियां ली जानी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. एन चंद्रशेखरन ने किस फैसले पर पुनर्विचार किया है?
उन्होंने मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करने के फैसले पर पुनर्विचार किया है।
Q. टाटा संस के बोर्ड ने क्या फैसला लिया?
बोर्ड ने चंद्रशेखरन को 5 साल के एक और कार्यकाल के लिए कार्यकारी चेयरमैन बनाने के पक्ष में बहुमत से फैसला लिया।
Q. बोर्ड ने यह फैसला कब लिया?
यह फैसला 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में लिया गया।
Q. चंद्रशेखरन ने दोबारा नियुक्ति की पेशकश नहीं करने का फैसला कब लिया था?
उन्होंने 12 अगस्त 2026 को यह फैसला लिया था।
Q. अब आगे क्या होगा?
बोर्ड भारतीय रिजर्व बैंक के लागू दिशानिर्देशों के तहत कदम उठाएगा और टाटा ट्रस्ट्स तथा अन्य संबंधित पक्षों से मंजूरी मांगेगा।
Q. इस नियुक्ति का प्रस्ताव पहली बार कब सामने आया था?
टाटा ट्रस्ट्स का प्रस्ताव 28 जुलाई 2025 को बोर्ड को मिला था।
Q. नामांकन और पारिश्रमिक समिति ने क्या किया?
3 सितंबर 2026 को समिति ने चंद्रशेखरन से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करने का सर्वसम्मत फैसला लिया था।












