Protectt.ai Labs Private Limited ने AI सुरक्षा प्लेटफॉर्म AIShield में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की है। यह निवेश प्राथमिक शेयर जारी करने और मौजूदा निवेशकों से शेयर खरीदने के जरिए किया गया। सौदे की वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
AIShield को Bosch Global Software Technologies (BGSW) के भीतर विकसित किया गया था। अब यह Protectt.ai के तहत AI Shield Private Limited (AISW) नाम से स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगी। कंपनी ने बताया कि साझेदारी का मकसद AI सुरक्षा, मोबाइल ऐप सुरक्षा और विनियमित क्षेत्रों में मौजूद कारोबारी संबंधों को एक साथ लाना है।
नई पूंजी का इस्तेमाल AIShield के शोध एवं विकास, वैश्विक विस्तार और स्वायत्त AI सुरक्षा क्षमताओं के विकास में किया जाएगा। दोनों कंपनियां ऐसे समय में साथ आई हैं, जब AI का इस्तेमाल बैंकों और अन्य विनियमित कारोबारों में प्रयोग के स्तर से आगे बढ़कर वास्तविक कारोबारी प्रक्रियाओं में हो रहा है।
साझेदारी से AI सुरक्षा कारोबार का विस्तार
Protectt.ai मोबाइल ऐप सुरक्षा, AI सुरक्षा और AI-केंद्रित ऑफेंसिव सिक्योरिटी में काम करती है। कंपनी भारत में बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, बीमा कंपनियों, फिनटेक और सरकारी प्लेटफॉर्म को सेवाएं देती है। उसका कारोबार भारत के अलावा UAE और US में भी मौजूद है।
AIShield का प्लेटफॉर्म AI सिस्टम के विकास से लेकर उत्पादन स्तर तक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है। इसमें AI सुरक्षा आकलन, रेड टीमिंग, रनटाइम सुरक्षा और सेफ्टी गार्डरेल्स शामिल हैं। प्लेटफॉर्म प्रॉम्प्ट इंजेक्शन और AI एप्लिकेशन की कमजोरियों जैसे AI-केंद्रित साइबर जोखिमों पर भी काम करता है।
AIShield के पास 40 से ज्यादा पेटेंट आवेदन हैं, जिनमें 11 स्वीकृत पेटेंट परिवार शामिल हैं। कंपनी यूरोप और West Asia में ग्राहकों को सेवाएं देती है। Protectt.ai के मौजूदा ग्राहक संबंध और विनियमित क्षेत्रों में उसकी पहुंच AIShield को एशियाई बाजारों में विस्तार करने में मदद कर सकती है।
Protectt.ai के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Manish Mimani ने कहा कि AI अब बैंकिंग और विनियमित कारोबारों में पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इसके साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी बदलना जरूरी है। उन्होंने AIShield के प्लेटफॉर्म, इंजीनियरिंग टीम और पेटेंट पोर्टफोलियो को साझेदारी की अहम ताकत बताया।
Mimani ने कहा कि Protectt.ai और Bosch मिलकर भारत का पहला फुल-स्टैक AI सुरक्षा प्लेटफॉर्म बनाने का लक्ष्य रखते हैं। इसमें AI for Security, Security for AI और Sovereign AI Security शामिल होंगे। उनका कहना है कि इससे उद्यमों को अधिक नियंत्रण और मजबूती के साथ AI अपनाने में मदद मिल सकती है।
निवेशकों की प्रतिक्रिया
Bessemer Venture Partners के पार्टनर Vishal Gupta ने इस सौदे को भारतीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता का संकेत बताया। उनके अनुसार, भारतीय स्टार्टअप अब पर्याप्त आकार, विश्वसनीयता और बाजार नेतृत्व विकसित कर रहे हैं, जिससे वे वैश्विक टेक्नोलॉजी संपत्तियों के लिए पसंदीदा साझेदार बन सकते हैं।
Protectt.ai को Bessemer Venture Partners का समर्थन हासिल है। कंपनी का कहना है कि AIShield की क्षमताओं को अपनी मोबाइल ऐप सुरक्षा परिसंपत्तियों और ग्राहक संबंधों से जोड़कर वह विनियमित क्षेत्रों में अपनी पेशकश मजबूत करेगी। AIShield के लिए यह साझेदारी शोध, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और स्वायत्त AI सुरक्षा पर ध्यान बढ़ाने का रास्ता खोलती है।
निष्कर्ष
Protectt.ai का AIShield में बहुमत निवेश दोनों कंपनियों की AI और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को एक साथ लाता है। AIShield स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगी, जबकि नई पूंजी का इस्तेमाल शोध, वैश्विक विस्तार और स्वायत्त AI सुरक्षा विकास के लिए होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. Protectt.ai ने किस कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी है?
Protectt.ai ने AI सुरक्षा प्लेटफॉर्म AIShield में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की है।
Q. AIShield सौदे के बाद किस नाम से काम करेगी?
AIShield, Protectt.ai के तहत AI Shield Private Limited (AISW) नाम से स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगी।
Q. सौदे की वित्तीय जानकारी जारी की गई है?
नहीं। दोनों कंपनियों ने लेनदेन की वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
Q. नई पूंजी का इस्तेमाल किन कामों में होगा?
पूंजी का इस्तेमाल शोध एवं विकास, वैश्विक विस्तार और स्वायत्त AI सुरक्षा क्षमताएं विकसित करने में किया जाएगा।
Q. AIShield का प्लेटफॉर्म किन सुरक्षा जरूरतों को पूरा करता है?
यह AI सुरक्षा आकलन, रेड टीमिंग, रनटाइम सुरक्षा और सेफ्टी गार्डरेल्स उपलब्ध कराता है। यह प्रॉम्प्ट इंजेक्शन और AI एप्लिकेशन की कमजोरियों जैसे जोखिमों पर भी काम करता है।




