25 वर्षीय जुनेद खान ने माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़कर अपना AI स्टार्टअप 'ट्रेजरी' शुरू किया है। माइक्रोसॉफ्ट में उन्हें सालाना पैकेज, स्टॉक और बोनस मिलाकर 1.9 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हुई थी। इसके मुकाबले उनके नए वेंचर ने अब तक 5.4 लाख रुपये का रेवेन्यू जुटाया है।
सिएटल में रहने वाले जुनेद फिलहाल ट्रेजरी से ₹1 की भी सैलरी नहीं ले रहे हैं। उनका खर्च माइक्रोसॉफ्ट में काम के दौरान जमा की गई पुरानी बचत से चल रहा है। इसके बावजूद ट्रेजरी के पास अब पेड कस्टमर्स हैं और जुनेद इसे शुरुआती चरण का बिजनेस मानते हुए यूजर बेस मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
माइक्रोसॉफ्ट में क्या काम करते थे जुनेद
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद जुनेद ने 2023 में माइक्रोसॉफ्ट जॉइन किया था। वहां उनका मुख्य काम दुनिया भर में डेटा सेंटर्स स्थापित करने में मदद करना था। इस भूमिका से उन्हें AI इंफ्रास्ट्रक्चर को समझने का अनुभव मिला।
करीब 2 साल बाद उन्हें लगा कि नौकरी में वे एडवांस्ड AI स्किल्स नहीं सीख पा रहे हैं, जिनमें उनकी रुचि थी। 2025 की शुरुआत में तकनीकी व्यवधानों के बाद कंपनी का ध्यान सुरक्षा और सर्विस स्टेबिलिटी पर ज्यादा केंद्रित हो गया। जुनेद के अनुसार, इससे प्रोडक्ट डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी हुई।
इसी दौरान AI कोडिंग टूल्स तेजी से आगे बढ़ रहे थे। इन टूल्स ने जुनेद को अपना प्रोडक्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने का हौसला दिया।
कॉलेज के अनुभव से आया ट्रेजरी का विचार
ट्रेजरी का विचार जुनेद को कॉलेज के दिनों में आया था। यूके और यूएस के बीच अपने फाइनेंस को संभालने में उन्हें मुश्किल हुई थी। इसी अनुभव से उन्होंने ऐसा 'AI-पावर्ड मनी कोच' बनाने के बारे में सोचा, जो लोगों को महंगे फाइनेंशियल एडवाइजर्स पर हजारों डॉलर खर्च किए बिना अपने पैसों का प्रबंधन करने में मदद कर सके।
माइक्रोसॉफ्ट जॉइन करने से पहले ही उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया था। करीब 2 साल तक ऑफिस के बाद की शामों और वीकेंड्स में वह ट्रेजरी को बेहतर बनाते रहे।
बिना को-फाउंडर और फंडिंग के शुरुआत
जुनेद ने शुरुआत में वाई कॉम्बिनेटर जैसे स्टार्टअप एक्सेलेरेटर्स में आवेदन किया था। उनका उद्देश्य फंडिंग मिलने पर नौकरी छोड़ने का भरोसा हासिल करना था। चयन नहीं होने के बाद उन्होंने खुद ही इस वेंचर को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट से मिले जॉइनिंग बोनस और स्टॉक के वेस्ट होने का इंतजार किया। इसके बाद अगस्त में इस्तीफा दिया और 2 महीने बाद ट्रेजरी को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।
ट्रेजरी को आगे बढ़ाने में Claude Code और Codex जैसे AI कोडिंग टूल्स ने उनकी मदद की। जुनेद का मानना है कि इन टूल्स ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को इतना आसान बनाया है कि अकेला व्यक्ति भी पूरा प्रोडक्ट तैयार कर सकता है।
सोशल मीडिया पर साझा की अपनी यात्रा
जुनेद ने सोलो-फाउंडर के रूप में अपनी यात्रा सोशल मीडिया पर साझा करनी शुरू की। इसमें असफल प्रोडक्ट लॉन्च और अकेले बिजनेस चलाने की चुनौतियां भी शामिल थीं। अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उनके 30,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
ट्रेजरी को पेड कस्टमर्स मिल चुके हैं, लेकिन जुनेद अभी बाहरी फंडिंग लेने से पहले यूजर बेस को मजबूत करना चाहते हैं। उनका स्टार्टअप माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी से मिली आर्थिक सुरक्षा की जगह अपने प्रोडक्ट और ग्राहकों पर निर्भर रास्ता चुन रहा है।
निष्कर्ष
जुनेद खान ने माइक्रोसॉफ्ट की 1.9 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई वाली नौकरी छोड़कर ट्रेजरी शुरू किया। बिना को-फाउंडर और बाहरी फंडिंग के चल रहे इस AI स्टार्टअप ने अब तक 5.4 लाख रुपये का रेवेन्यू जुटाया है और अब उसका फोकस यूजर बेस बढ़ाने पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जुनेद खान ने कौन-सा स्टार्टअप शुरू किया है?
जुनेद खान ने 'ट्रेजरी' नाम का AI स्टार्टअप शुरू किया है।
Q. माइक्रोसॉफ्ट में जुनेद की कमाई कितनी थी?
2024 में स्टॉक और बोनस मिलाकर उनकी कमाई 1.9 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।
Q. ट्रेजरी ने अब तक कितना रेवेन्यू कमाया है?
ट्रेजरी ने अब तक 5.4 लाख रुपये का रेवेन्यू जुटाया है।
Q. क्या जुनेद ट्रेजरी से सैलरी ले रहे हैं?
नहीं, वह फिलहाल ट्रेजरी से ₹1 की भी सैलरी नहीं ले रहे हैं।
Q. ट्रेजरी बनाने में किन AI टूल्स ने मदद की?
जुनेद ने Claude Code और Codex जैसे AI कोडिंग टूल्स का इस्तेमाल किया।
Q. क्या ट्रेजरी को बाहरी फंडिंग मिली है?
ट्रेजरी बिना बाहरी फंडिंग के चल रहा है। जुनेद फिलहाल यूजर बेस मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।










