सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने देश में 'रिजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसी मांग करना गलत नहीं है और सरकार के खिलाफ असंतोष जाहिर करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है।

नई दिल्ली के प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूषण ने केंद्र सरकार पर चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, अगर यह स्थिति जारी रहती है तो सत्ता परिवर्तन होना तय है।

भूषण ने कहा कि उनकी अपील सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि चुनावी लोकतंत्र को बचाने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी सरकार लंबे समय तक सत्ता में नहीं रह सकती, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने पर आमादा हो।

इस कार्यक्रम में नेहा बोरा, अभिजीत दिपके और अभिनेता प्रकाश राज भी मौजूद थे। भूषण ने छात्रों और युवा संगठनों को इस लड़ाई का श्रेय देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में यह संघर्ष आगे बढ़ेगा।

बीजेपी का पलटवार

भूषण के बयान पर बीजेपी नेता और सांसद संबित पात्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के प्रति 'गद्दारी' झलकना चौंकाने वाला है। पात्रा ने भूषण के 'रिजीम चेंज' वाले बयान को सरकार बदलने की कोशिश के रूप में पेश किया।

पात्रा ने नेहा बोरा के उस कथित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें बांग्लादेश के उदाहरण से 'रिजीम चेंज' का तरीका सीखने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते रहे हैं और सेना से सबूत मांगते रहे हैं।

बीजेपी नेता ने कहा कि प्रशांत भूषण, नेहा बोरा और राहुल गांधी समेत संबंधित लोगों की मंशा SIR या बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इन लोगों का उद्देश्य सत्ता में स्थापित होना और चुनाव लड़े बिना सरकार बनाना है। ये पात्रा के आरोप हैं।

पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोग विदेशी हाथों में बिक चुके हैं और जनता उन्हें बार-बार चुनाव में हरा रही है। उन्होंने कहा कि भारत किसी एक व्यक्ति या परिवार की संपत्ति नहीं है। उनके बयान के मुताबिक, देश करोड़ों भारतीयों का है।

दोनों पक्षों के बयानों में राजनीतिक व्यवस्था और सत्ता परिवर्तन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। भूषण ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया, जबकि पात्रा ने इसे सरकार गिराने और बिना चुनाव सत्ता हासिल करने की कोशिश करार दिया।

निष्कर्ष

प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' वाले बयान के बाद बीजेपी की ओर से कड़ा राजनीतिक पलटवार हुआ है। भूषण ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया, जबकि संबित पात्रा ने इसे तख्तापलट की मंशा से जोड़ा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. प्रशांत भूषण ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि वे देश में 'रिजीम चेंज' चाहते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है। उन्होंने सत्ता परिवर्तन को नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार बताया।

Q. प्रशांत भूषण ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?

उन्होंने सरकार पर चुनावी लोकतंत्र को कुचलने और नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

Q. प्रेस कॉन्फ्रेंस कहां हुई?

प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के प्रेस क्लब में हुई।

Q. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद थे?

प्रशांत भूषण के साथ नेहा बोरा, अभिजीत दिपके और अभिनेता प्रकाश राज मौजूद थे।

Q. बीजेपी ने क्या प्रतिक्रिया दी?

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने बयान की आलोचना की और इसे देशविरोधी मंशा तथा तख्तापलट की कोशिश से जोड़ा।

Q. संबित पात्रा ने किस मुद्दे का उल्लेख किया?

उन्होंने SIR और बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए संबंधित लोगों की मंशा पर सवाल उठाए।