कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो को फेफड़ों का कैंसर है। वेटिकन के चिकित्सा बुलेटिन के मुताबिक, रोम के जेमेली अस्पताल में उनकी करीब 90 मिनट की सर्जरी हुई। इस दौरान दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाल दिया गया।

जांच में लंग एडेनोकार्सिनोमा (Lung Adenocarcinoma) की पुष्टि हुई है। यह फेफड़ों के कैंसर का एक सामान्य प्रकार है। डॉक्टरों को ऑपरेशन से पहले की जांच में इस बीमारी का संदेह था। सर्जरी के दौरान लिए गए टिशू सैंपल्स की जांच के बाद बीमारी की पुष्टि हुई।

वेटिकन ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और इस दौरान कोई जटिलता नहीं आई। पोप होश में आ गए हैं और अस्पताल में आराम कर रहे हैं। उनकी सेहत को लेकर इससे आगे की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

अस्पताल में इलाज और सार्वजनिक कार्यक्रम

पोप लियो मंगलवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब एक बजे वेटिकन से जेमेली अस्पताल पहुंचे। अस्पताल वेटिकन से लगभग 9 किलोमीटर दूर है। अस्पताल पहुंचने से पहले उन्हें काले रंग की एसयूवी में लोगों का अभिवादन करते देखा गया। वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

वेटिकन के अनुसार, पोप को करीब एक सप्ताह अस्पताल में रहना पड़ सकता है। उनकी तबीयत को देखते हुए 20 अक्टूबर तक के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

पोप लियो 6 से 17 नवंबर तक उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की 11 दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं। मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के बीच इस यात्रा और उनके अन्य कार्यक्रमों को लेकर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

पोप लियो का परिचय

पोप लियो को दुनिया भर के कार्डिनलों ने मई 2025 में कैथोलिक चर्च का प्रमुख चुना था। उनका जन्म 1955 में अमेरिका के शिकागो में रॉबर्ट प्रीवोस्ट के रूप में हुआ। पोप बनने से पहले उन्होंने कई दशकों तक पेरू में मिशनरी और बिशप के तौर पर काम किया।

71 वर्षीय पोप की खेलों में भी रुचि है और उन्हें खासकर टेनिस पसंद है। उन्हें धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं जाना जाता। हाल के दिनों में उनकी सेहत को लेकर कोई बड़ी सार्वजनिक चिंता भी सामने नहीं आई थी।

उनके पूर्ववर्ती पोप फ्रांसिस को जीवन के अंतिम वर्षों में कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अप्रैल 2025 में 88 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।

पहले भी गंभीर बीमारी से जूझ चुके हैं पोप

पोप लियो ने 1985 में पेरू के चुलुकानास में युवा पादरी के रूप में सेवा के दौरान टाइफाइड बुखार से गंभीर रूप से बीमार पड़ने का अनुभव साझा किया था। उस समय उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

एक पुस्तक में प्रकाशित साक्षात्कार के अनुसार, बीमारी के दौरान उन्हें इतना तेज दर्द हुआ कि उन्होंने ईश्वर से अपना कष्ट समाप्त करने की प्रार्थना की थी।

कैथोलिक चर्च के दुनिया भर में लगभग 1.4 अरब अनुयायी हैं। पोप के बीमार होने की स्थिति में उनकी जिम्मेदारियां अपने आप संभालने वाला कोई उप-प्रमुख नहीं होता। हालांकि, वेटिकन का प्रशासनिक कामकाज जारी रहता है।

निष्कर्ष

वेटिकन के अनुसार, पोप लियो की सर्जरी सफल रही है और उन्हें फिलहाल अस्पताल में आराम कराया जा रहा है। उनके सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द किए गए हैं, जबकि आगामी यात्रा और कार्यक्रमों पर आगे की जानकारी का इंतजार है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पोप लियो को कौन-सी बीमारी हुई है?

पोप लियो को फेफड़ों का कैंसर है। जांच में लंग एडेनोकार्सिनोमा की पुष्टि हुई है।

Q. उनकी सर्जरी में क्या किया गया?

सर्जरी के दौरान उनके दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाल दिया गया।

Q. सर्जरी कितनी देर चली?

ऑपरेशन करीब 90 मिनट चला।

Q. क्या सर्जरी सफल रही?

वेटिकन ने बताया कि सर्जरी सफल रही और कोई जटिलता नहीं आई।

Q. अभी पोप लियो की स्थिति कैसी है?

वह होश में हैं और अस्पताल में आराम कर रहे हैं।

Q. उन्हें अस्पताल में कितने समय तक रहना पड़ सकता है?

वेटिकन के अनुसार, उन्हें करीब एक सप्ताह अस्पताल में रहना पड़ सकता है।

Q. क्या उनके सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द किए गए हैं?

हां, 20 अक्टूबर तक के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

Q. पोप लियो की आगामी यात्रा कब है?

वह 6 से 17 नवंबर तक उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की 11 दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं।