सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की खबर है। हमले के बाद इमारत में आग लग गई, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह घटनाक्रम सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष के बीच सामने आया है।

सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से हमले और आग की जानकारी दी। रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ऑफिस बिल्डिंग की ऊपरी तीन मंजिलों को नुकसान पहुंचा। सूत्र और मामले से परिचित दो अन्य लोगों ने भी इमारत में आग लगने की बात कही।

हमले की जिम्मेदारी को लेकर उपलब्ध रिपोर्ट में स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है। इसलिए धहरान में हुए हमले और इसके लिए जिम्मेदार पक्ष के बारे में अलग-अलग दावों को उसी रूप में देखा जा रहा है।

अरामको परिसर क्यों अहम है

धहरान का यह परिसर अरामको के प्रमुख संचालन केंद्रों में शामिल है। सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल है और सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का अहम आधार मानी जाती है। कंपनी के संचालन नेटवर्क में तेल के कुएं, पाइपलाइन, रिफाइनरी और निर्यात टर्मिनल शामिल हैं।

ऐसे परिसर पर हमला ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में तेल उत्पादन, निर्यात या कंपनी के संचालन पर किसी असर की पुष्टि नहीं की गई है।

रियाद और दूसरे इलाकों में भी मिसाइल-ड्रोन रोकने का दावा

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि धहरान के ऊपर रोकी गई एक मिसाइल के टुकड़े आवासीय इलाके में गिरे। इससे हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी अधिकारियों ने नहीं दी। रियाद और देश के दक्षिणी हिस्से में मिसाइलों तथा ड्रोन को रोककर नष्ट करने की जानकारी भी दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हूती विद्रोही पिछले एक सप्ताह से सऊदी अरब के अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। इनमें राजधानी रियाद का हवाई अड्डा भी शामिल है। शनिवार को रियाद हवाई अड्डे पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत की जानकारी दी गई थी। लगातार हमलों से उड़ान सेवाएं प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।

यह घटनाक्रम सऊदी अरब में आयोजित एक बड़े ऊर्जा सम्मेलन के दौरान सामने आया है। इससे ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े ठिकानों और परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित हुआ है, लेकिन सम्मेलन पर किसी खास असर की जानकारी की जानकारी अभी नहीं है।

यमन में हमले और हूतियों की चेतावनी

धहरान पर हमले से पहले हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने यमन की राजधानी सना पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमलों के जवाब में 'कड़ी और दर्दनाक' कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उन्होंने संभावित निशानों में धहरान स्थित अरामको मुख्यालय और रियाद की एक तेल रिफाइनरी का नाम लिया था। हूतियों ने तेल क्षेत्र के कर्मचारियों को संभावित ठिकानों से दूर रहने को भी कहा था।

हूतियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर सना में हमले करने का आरोप लगाया। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित एक तेल डिपो से नागरिकों को दूर रहने की चेतावनी दी। हूती संचालित अल-मसीरा टेलीविजन के अनुसार, गठबंधन ने यमन पेट्रोलियम कंपनी के सबाह केंद्रीय स्टेशन को निशाना बनाया।

गठबंधन ने स्टेशन और अन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की। उसका कहना था कि कार्रवाई का मकसद हूतियों की सऊदी अरब, यमन और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खतरा पहुंचाने की क्षमता को कमजोर करना था।

सऊदी की सैन्य कोशिश और ईरान की मध्यस्थता पेशकश

मंगलवार देर रात हुए हमले से पहले सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। बैठक में हूतियों को बार-बार हमले करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। सऊदी अरब अपने सैन्य अभियान को जारी रखने और मिसाइल तथा ड्रोन हमलों से निपटने के लिए सहयोगी देशों से अधिक समर्थन मांग रहा है।

अमेरिका सऊदी अरब का लंबे समय से सुरक्षा साझेदार है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक उसने हूतियों के खिलाफ सीधे युद्ध में उतरने के सऊदी प्रयासों को अब तक स्वीकार नहीं किया है।

इस बीच ईरान ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को यह प्रस्ताव रखा था और ईरानी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसे दोहराया। ईरान सऊदी अरब का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी रहा है और हूतियों का समर्थन करता है, इसलिए यह पेशकश मौजूदा तनाव के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में सामने आई है।

निष्कर्ष

धहरान में अरामको परिसर पर मिसाइल हमले की खबर के बाद सऊदी अरब में ऊर्जा और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर खतरे को लेकर चिंता बढ़ी है। आग और इमारत को नुकसान की जानकारी है, लेकिन किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई। आगे का घटनाक्रम सऊदी कार्रवाई, हूती हमलों और ईरान की मध्यस्थता पेशकश पर निर्भर रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. धहरान में किस जगह को निशाना बनाया गया?

सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर की एक ऑफिस बिल्डिंग को निशाना बनाए जाने की खबर है।

Q. हमले में कितना नुकसान हुआ?

रिपोर्ट के मुताबिक, इमारत की ऊपरी तीन मंजिलों को नुकसान पहुंचा और वहां आग लगी।

Q. क्या हमले में किसी की मौत हुई?

अधिकारियों के मुताबिक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

Q. क्या हमले की जिम्मेदारी तय हुई है?

उपलब्ध रिपोर्ट में हमले की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।

Q. सऊदी अरब के किन इलाकों में मिसाइल और ड्रोन रोके गए?

रियाद, धहरान और देश के दक्षिणी हिस्से में मिसाइलों तथा ड्रोन को रोकने का दावा किया गया है।

Q. पहले हुए रियाद हवाई अड्डे के हमले में कितनी मौतें बताई गई थीं?

शनिवार के हमले में 13 लोगों की मौत की जानकारी दी गई थी।

Q. ईरान ने क्या पेशकश की है?

ईरान ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।