राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने Meta को बाल यौन शोषण और उससे जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों के मामले में नोटिस भेजा था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह नोटिस 3 जुलाई 2026 को जारी किया गया। आयोग ने कंपनी से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा था।

Meta ने नोटिस मिलने के करीब एक हफ्ते बाद अपना जवाब NCPCR को सौंप दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, आयोग ने कंपनी की प्रतिक्रिया को मामले की आगे की प्रक्रिया के संदर्भ में लिया है।

मामला क्या है

यह मामला बाल यौन शोषण और उससे जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों से संबंधित है। ऐसी सामग्री के ऑनलाइन प्रसार को लेकर भारत में बाल सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी पर scrutiny बढ़ी है।

संबंधित रिपोर्टों के मुताबिक, Meta ने भारत में बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों को कानून लागू करने वाली एजेंसियों तक पहुंचाने पर सहमति जताई है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कंपनी ऐसे मामलों की जानकारी भारतीय साइबर अपराध पोर्टल को सीधे देने पर सहमत हुई है।

बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग को लेकर Meta की यह प्रतिबद्धता उस समय सामने आई है, जब भारत में बाल यौन शोषण और उससे जुड़ी सामग्री के खिलाफ कार्रवाई पर ध्यान बढ़ा है।

NCPCR की कार्रवाई और Meta का जवाब

आयोग की कार्रवाई का पहला दर्ज कदम 3 जुलाई 2026 का नोटिस था। इसमें Meta से मामले पर explanation मांगा गया। कंपनी ने इसके बाद एक हफ्ते में अपनी प्रतिक्रिया जमा की।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी में Meta की ओर से कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ बाल सुरक्षा मामलों की रिपोर्टिंग को लेकर सहमति की बात कही गई।

इस घटनाक्रम में NCPCR की नोटिस प्रक्रिया और Meta का जवाब 2 अहम चरण हैं। आगे की कार्रवाई या आयोग के अंतिम फैसले की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

भारत में रिपोर्टिंग को लेकर नया commitment

संबंधित रिपोर्टों में Meta के उस commitment का जिक्र है, जिसके तहत बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों को भारतीय साइबर अपराध पोर्टल और कानून लागू करने वाली एजेंसियों तक पहुंचाने की बात कही गई है।

इसका संबंध बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री वाले मामलों की रिपोर्टिंग से है। रिपोर्टों में इसे भारत में बाल सुरक्षा को लेकर Meta और सरकारी संस्थाओं के बीच बढ़ती scrutiny के संदर्भ में बताया गया है।

मामले का अगला स्पष्ट कदम NCPCR की ओर से उठाया जाना है। आयोग Meta के जवाब पर क्या फैसला लेगा, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष

NCPCR ने Meta से बाल यौन शोषण और उससे जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों पर स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब कंपनी ने एक हफ्ते बाद दिया। संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, Meta भारत में ऐसे बाल सुरक्षा मामलों की रिपोर्टिंग कानून लागू करने वाली एजेंसियों और साइबर अपराध पोर्टल तक करने पर सहमत हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. NCPCR ने Meta को नोटिस कब भेजा?

NCPCR ने 3 जुलाई 2026 को Meta को नोटिस भेजा था।

Q. नोटिस किस मामले से जुड़ा था?

नोटिस बाल यौन शोषण और उससे जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों के मामले से जुड़ा था।

Q. Meta ने नोटिस का जवाब कब दिया?

Meta ने नोटिस मिलने के करीब एक हफ्ते बाद अपना जवाब सौंपा।

Q. NCPCR ने Meta से क्या मांगा था?

आयोग ने Meta से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था।

Q. Meta की नई बाल सुरक्षा प्रतिबद्धता क्या है?

संबंधित रिपोर्टों के मुताबिक, Meta ने भारत में बाल सुरक्षा मामलों को कानून लागू करने वाली एजेंसियों और भारतीय साइबर अपराध पोर्टल तक रिपोर्ट करने पर सहमति जताई है।