जापान के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति मुख्यालय ने शुक्रवार को आपात बैठक की। यह कदम लॉसन, टाइम्स कार और JR ईस्ट समेत 20 से अधिक प्रमुख कंपनियों पर हुए साइबर हमलों के बाद उठाया गया।
इन हमलों में करोड़ों ग्राहकों के रिकॉर्ड प्रभावित हुए। JR ईस्ट से जुड़े मामले में 1.67M ईमेल पते उजागर हुए।
मुख्यालय के प्रमुख मासाआकी ताइरा ने स्थिति को “साइबरस्पेस में आपात स्थिति” बताया। साइबर सुरक्षा मंत्री तोशिहारु फुरुकावा ने इसे “बेहद गंभीर” कहा।
अधिकारियों और विश्लेषकों ने हमलों में AI की भूमिका का उल्लेख किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AI ने ऐसे हमलों की बाधाएं कम करने में भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
जापान में 20 से अधिक कंपनियों पर हुए साइबर हमलों के बाद सरकार ने आपात बैठक की है। अधिकारियों ने स्थिति को गंभीर बताया है और AI की भूमिका का उल्लेख किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जापान ने आपात बैठक क्यों की?
जापान के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति मुख्यालय ने 20 से अधिक कंपनियों पर हुए साइबर हमलों के बाद बैठक की।
Q. कितनी कंपनियां प्रभावित हुईं?
20 से अधिक प्रमुख कंपनियां साइबर हमलों से प्रभावित हुईं।
Q. किन कंपनियों के नाम सामने आए हैं?
लॉसन, टाइम्स कार और JR ईस्ट के नाम सामने आए हैं।
Q. JR ईस्ट मामले में क्या उजागर हुआ?
JR ईस्ट से जुड़े मामले में 1.67M ईमेल पते उजागर हुए।
Q. जापानी अधिकारियों ने स्थिति को कैसे बताया?
मासाआकी ताइरा ने इसे “साइबरस्पेस में आपात स्थिति” कहा। तोशिहारु फुरुकावा ने इसे “बेहद गंभीर” बताया।










