रजनीकांत की नई फिल्म जेलर 2 की सबसे बड़ी ताकत उनका स्टारडम है। चश्मा पहनने का अंदाज, चलने की शैली, संवाद बोलने का तरीका और खामोशी से दुश्मनों को मात देने वाला उनका व्यक्तित्व अब भी दर्शकों को आकर्षित करता है। थलाइवा के प्रशंसकों के लिए यह अंदाज फिल्म का सबसे बड़ा कारण बनता है।

फिल्म में एक्शन, कॉमेडी और बड़े कलाकारों की मौजूदगी है। टाइगर मुथुवेल पांडियन के रूप में रजनीकांत फिर अपराध, दुश्मनी, खतरनाक लोगों और परिवार की सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम में दिखाई देते हैं। कहानी उन्हें दोबारा एक्शन की राह पर ले जाती है, लेकिन हर मोड़ समान असर पैदा नहीं करता।

जेलर 2 की समस्या यह है कि सितारों और बड़े दृश्यों के बीच कहानी कई बार अपना संतुलन खो देती है। फिल्म में ऐसे क्षण आते हैं, जब किसी बड़े धमाके की उम्मीद बनती है। कुछ मौकों पर वह उम्मीद पूरी होती है, लेकिन कई हिस्सों में वही मसाला दोहराया हुआ महसूस होता है।

अभिनय और स्टार पावर

रजनीकांत पूरी फिल्म पर हावी रहते हैं। वह जैसे ही फ्रेम में आते हैं, ध्यान अपने आप उनकी ओर चला जाता है। उनकी एंट्री, एक्शन और संवाद अदायगी में अब भी वह असर है, जो प्रशंसकों को उत्साहित कर सकता है। फिल्म का सबसे भरोसेमंद आकर्षण उनका यही स्क्रीन प्रेजेंस है।

एस.जे. सूर्या बोधि कलपाक के रूप में अलग ऊर्जा लेकर आते हैं। वह रजनीकांत के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं और उनके हिस्से फिल्म में दिलचस्पी बनाए रखते हैं। विद्या बालन की कांथा कलपाक और मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी कहानी में अलग रंग जोड़ती है, हालांकि सभी किरदारों को समान रूप से मजबूत जगह नहीं मिलती।

योगी बाबू और दूसरे कलाकार हल्के-फुल्के पलों में राहत देते हैं। फिर भी, फिल्म में सितारों की संख्या अधिक होने के बावजूद हर एंट्री लंबे समय तक याद नहीं रहती। कई जगह कलाकारों की चमक कहानी की जरूरत से आगे निकलती दिखाई देती है।

निर्देशन और पटकथा

नेल्सन दिलीपकुमार रजनीकांत के स्टारडम को पर्दे पर इस्तेमाल करना अच्छी तरह जानते हैं। हीरो की एंट्री, एक्शन दृश्यों और कॉमेडी को साथ रखने की कोशिश साफ नजर आती है। कुछ दृश्य थिएटर में दर्शकों को उत्साहित करने की क्षमता रखते हैं।

कमजोरी पटकथा के ढीलेपन में सामने आती है। कई घटनाएं जरूरत से ज्यादा सुविधाजनक लगती हैं और बीच-बीच में कहानी का प्रवाह रुक जाता है। दूसरे हिस्से में रफ्तार कमजोर पड़ती है। कुछ मोड़ जितना असर पैदा कर सकते थे, उतना नहीं कर पाते। क्लाइमैक्स भी अपेक्षित प्रभाव तक नहीं पहुंचता।

पहली फिल्म की सफलता के बाद सीक्वल से स्वाभाविक रूप से बड़ी उम्मीद बनती है। जेलर 2 कुछ दृश्यों में उस स्तर की ऊर्जा दिखाती है, लेकिन पूरी कहानी में वह निरंतरता कायम नहीं रह पाती। बड़े एक्शन और सितारों की मौजूदगी कमजोर कहानी की कमी को पूरी तरह नहीं भर पाती।

तकनीकी पक्ष

विजय कार्तिक कन्नन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के बड़े सेटअप और एक्शन को प्रभावशाली रूप देती है। दृश्य भव्य दिखते हैं और एक्शन में जरूरी स्केल नजर आता है। अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड स्कोर रजनीकांत की एंट्री तथा कई एक्शन दृश्यों का असर बढ़ाता है।

फिर भी, संगीत और कहानी की रफ्तार के बीच संतुलन हर हिस्से में समान नहीं रहता। करीब पौने 3 घंटे की लंबाई वाली फिल्म में कुछ दृश्यों को छोटा किया जाता, तो प्रवाह अधिक चुस्त महसूस हो सकता था। कुछ जगह कहानी को आगे बढ़ने के बजाय ठहराव का सामना करना पड़ता है।

निष्कर्ष

जेलर 2 में रजनीकांत का स्वैग, एक्शन, कॉमेडी और सितारों की मौजूदगी भरपूर है। कट्टर प्रशंसकों को उनकी एंट्री और अंदाज मनोरंजन दे सकते हैं। लेकिन कमजोर कहानी, दोहराता हुआ मसाला, ढीली पटकथा और कम असरदार क्लाइमैक्स फिल्म को पहली जेलर जैसी लगातार पकड़ नहीं दे पाते।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. जेलर 2 की सबसे बड़ी ताकत क्या है?

रजनीकांत का स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उनका स्वैग, एक्शन और संवाद अदायगी प्रशंसकों को आकर्षित करती है।

Q. फिल्म में कहानी किस तरह की है?

कहानी अपराध, दुश्मनी, खतरनाक लोगों और परिवार की सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है। इसके कुछ मोड़ रजनीकांत को फिर एक्शन में ले आते हैं।

Q. एस.जे. सूर्या का प्रदर्शन कैसा है?

एस.जे. सूर्या बोधि कलपाक के रूप में अलग ऊर्जा लाते हैं। वह रजनीकांत के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

Q. फिल्म की मुख्य कमजोरी क्या है?

कहानी का प्रवाह कई जगह कमजोर पड़ता है। दूसरे हिस्से की धीमी रफ्तार और ढीली पटकथा फिल्म के असर को कम करती है।

Q. क्या फिल्म में एक्शन और कॉमेडी है?

फिल्म में एक्शन और कॉमेडी दोनों मौजूद हैं। कुछ दृश्य दर्शकों को उत्साहित करते हैं, जबकि कुछ हिस्सों में वही मसाला दोहराया हुआ लगता है।

Q. तकनीकी तौर पर फिल्म कैसी है?

सिनेमैटोग्राफी बड़े दृश्यों और एक्शन को भव्य बनाती है। बैकग्राउंड स्कोर भी कई दृश्यों का असर बढ़ाता है।