उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान उस समय और बढ़ गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी हाईकमान की आपत्ति के बावजूद 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' आगे बढ़ाने का फैसला किया। यात्रा का यह चरण जसपुर से हल्द्वानी तक कुमाऊं क्षेत्र में सोमवार, 5 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है।

पार्टी हाईकमान ने रावत के उस सार्वजनिक कार्यक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसे आधिकारिक संगठन से अलग उनका “व्यक्तिगत” कार्यक्रम बताया गया। उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने रावत से यात्रा रद्द करने को कहा है। रावत को उत्तराखंड की पहाड़ियों में “हरदा” नाम से भी जाना जाता है।

रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि वह कार्यक्रम स्थगित नहीं कर रहे हैं। यात्रा शुरू होने से कुछ घंटे पहले उन्होंने पार्टी की आपत्तियों के संदर्भ में “प्यार को निगरानी में रखना” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कांग्रेस के झंडे के तहत कार्यक्रम आगे बढ़ाने की बात कही।

रावत ने अपने संदेश में कहा कि चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के आत्मसम्मान के लिए उनका संकल्प भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने यात्रा को रोकने से इनकार करते हुए राज्य में बदलाव और कांग्रेस को फिर सत्ता में लाने की बात कही। जसपुर से हल्द्वानी तक लोगों से मिलने, संवाद करने और देवभूमि के अधिकारों की लड़ाई आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया।

पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति

हाईकमान के पत्र के बाद भी रावत ने अपना कार्यक्रम टाला नहीं है। चुनाव से करीब 1 साल पहले उन्हें पार्टी की चुनावी टीम से बाहर रखा गया था। ऐसे में यात्रा जारी रखने के फैसले से कांग्रेस नेतृत्व की नाराजगी और बढ़ने की बात सामने आई है।

रावत के हाल में बीमारी से उबरने के बाद पार्टी संगठन की योजनाओं के समानांतर कार्यक्रम आयोजित करने से यह मतभेद दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया है। उत्तराखंड कांग्रेस के अन्य गुट रावत की इस अलग राजनीतिक पहल को आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए झटका मानते हैं।

रावत के समर्थकों का कहना है कि जनसंपर्क अभियान कांग्रेस के व्यापक हित में आयोजित किया जा रहा है। इस पूरे विवाद ने उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर बढ़ते मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।

निष्कर्ष

हरीश रावत की यात्रा और कांग्रेस हाईकमान की आपत्ति ने उत्तराखंड इकाई में जारी असहमति को खुलकर सामने ला दिया है। रावत कार्यक्रम जारी रखने पर कायम हैं, जबकि पार्टी नेतृत्व इसे आधिकारिक संगठन से अलग पहल मानकर आपत्ति जता रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हरीश रावत कौन-सा कार्यक्रम चला रहे हैं?

रावत 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' चला रहे हैं। इसका संबंधित चरण जसपुर से हल्द्वानी तक है।

Q. यात्रा कब और कहां आयोजित हो रही है?

यह चरण सोमवार, 5 अक्टूबर को कुमाऊं क्षेत्र में जसपुर से हल्द्वानी तक आयोजित किया जा रहा है।

Q. कांग्रेस हाईकमान ने क्या आपत्ति जताई है?

हाईकमान ने आधिकारिक पार्टी संगठन से अलग आयोजित रावत के “व्यक्तिगत” सार्वजनिक कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है।

Q. कुमारी सैलजा ने रावत से क्या कहा?

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने रावत से यात्रा रद्द करने को कहा है।

Q. रावत के समर्थक यात्रा को किस आधार पर सही बता रहे हैं?

उनके समर्थकों का कहना है कि यह जनसंपर्क अभियान कांग्रेस के व्यापक हित में आयोजित किया जा रहा है।