कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि 80 वर्ष की उम्र में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने का फैसला उम्र से प्रभावित नहीं है। उन्होंने इस यात्रा को शिव धाम से राम धाम तक की पदयात्रा बताया।

सिंह के मुताबिक, लोग उनसे अक्सर पूछते हैं कि उन्होंने इस उम्र में यह यात्रा करने का निर्णय क्यों लिया। उनका कहना है कि उनके लिए उम्र इस फैसले में बाधा नहीं है।

हिंदुत्व शब्द पर दिग्विजय सिंह की बात

दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी पदयात्रा पर आपत्ति क्यों जताई जाती है, यह सवाल भी उनसे पूछा जाता है। उन्होंने इसकी वजह सनातन धर्म को 'हिंदू' शब्द से जोड़ने और 'हिंदुत्व' नाम दिए जाने से जोड़ी।

सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर ने सनातन धर्म के लिए हिंदुत्व नाम का इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, इसके बाद देश में हिंदुओं और मुसलमानों, हिंदुओं और सिखों तथा हिंदुओं और ईसाइयों के बीच दूरी पैदा हुई।

उन्होंने अपने बयान में महात्मा गांधी का भी उल्लेख किया। सिंह ने कहा कि गांधी सनातन धर्म और सनातनी परंपराओं का सम्मान करते थे।

गांधी के संदेश का उल्लेख

दिग्विजय सिंह ने गांधी से जुड़े भजन की पंक्ति “रघुपति राघव राजा राम, ईश्वर अल्लाह तेरे नाम, सबको सन्मति दे भगवान” दोहराई। उनके बयान में यह संदेश अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बीच सद्भाव से जुड़ा हुआ है।

निष्कर्ष

दिग्विजय सिंह ने अपनी पदयात्रा के फैसले को उम्र से परे बताया और हिंदुत्व शब्द से जुड़े अपने विचार रखे। उन्होंने इस संदर्भ में महात्मा गांधी की धार्मिक सद्भाव वाली सोच का हवाला दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. दिग्विजय सिंह किस पदयात्रा की बात कर रहे हैं?

वे उज्जैन से अयोध्या तक, यानी शिव धाम से राम धाम तक पदयात्रा की बात कर रहे हैं।

Q. दिग्विजय सिंह की उम्र कितनी बताई गई है?

बयान में उनकी उम्र 80 वर्ष बताई गई है।

Q. उन्होंने उम्र को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि उनके लिए उम्र कोई मुद्दा नहीं है।

Q. उन्होंने हिंदुत्व शब्द के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर ने सनातन धर्म को हिंदुत्व नाम दिया।

Q. उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख क्यों किया?

उन्होंने कहा कि गांधी सनातन धर्म और सनातनी परंपराओं का सम्मान करते थे।

Q. गांधी से जुड़ी कौन-सी पंक्ति उन्होंने दोहराई?

उन्होंने “रघुपति राघव राजा राम, ईश्वर अल्लाह तेरे नाम, सबको सन्मति दे भगवान” पंक्ति का उल्लेख किया।