दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 10 अक्टूबर, 2026 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई ट्रेन रद्द नहीं की गई। मेट्रो के कुल संचालन में भी कमी नहीं की गई और ट्रेनों के फेरों की संख्या पहले जैसी रही।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के 45 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास बंद रखा गया था। इसके बावजूद बाकी नेटवर्क पर सेवा जारी रही। DMRC के मुताबिक, पूरे नेटवर्क में कुल 303 स्टेशन हैं और 258 स्टेशन यात्रियों के लिए चालू रहे।

स्टेशनों को बंद करने की वजह

DMRC ने अदालत में कहा कि 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद करने का फैसला कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के आकलन और निर्देशों के आधार पर लिया गया था। यह पाबंदी स्टेशन संचालन या ट्रेन सेवा को पूरी तरह रोकने के तौर पर लागू नहीं की गई थी।

हलफनामे में यह भी बताया गया कि 10 अक्टूबर को मेट्रो से करीब 32 लाख यात्रियों ने सफर किया। सामान्य सेकंड सैटरडे को यात्रियों की संख्या लगभग 58 लाख रहती है। दोनों आंकड़ों के बीच अंतर से उस दिन यात्रियों की आवाजाही पर पड़े असर का पता चलता है।

सुप्रीम कोर्ट में मामला कैसे पहुंचा

DMRC ने यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश के बाद दाखिल किया। अदालत के सामने याचिका में दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द करने का मुद्दा उठाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि दिल्ली आने वाली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। अदालत ने DMRC और दूसरे संबंधित पक्षों को अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल करने का निर्देश भी दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने की। अदालत में DMRC का जवाब इसी सुनवाई के संदर्भ में रखा गया, जिसमें निगम ने ट्रेन रद्द होने की बात से इनकार किया और संचालन में कटौती नहीं होने की जानकारी दी।

यात्रियों के लिए इसका मतलब

अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन सेवा नेटवर्क स्तर पर जारी रही, लेकिन 45 स्टेशनों पर सीधे प्रवेश और निकास उपलब्ध नहीं था। इसलिए यात्रियों को कुछ स्टेशनों तक पहुंचने या वहां से बाहर निकलने में असुविधा हुई होगी, लेकिन ऐसी संभावित असुविधा का अलग आंकड़ा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

DMRC के अनुसार, 258 स्टेशन खुले रहे। इस तरह यात्रियों के लिए नेटवर्क का बड़ा हिस्सा उपलब्ध था, जबकि बंद किए गए स्टेशनों पर आवाजाही सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के अनुसार सीमित रही।

निष्कर्ष

DMRC का सुप्रीम कोर्ट में दिया गया जवाब यह है कि 10 अक्टूबर, 2026 को कोई मेट्रो ट्रेन रद्द नहीं हुई और संचालन में कमी नहीं आई। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान 45 स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. 10 अक्टूबर को कितनी मेट्रो ट्रेनें रद्द हुईं?

DMRC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उस दिन कोई ट्रेन रद्द नहीं हुई।

Q. कितने मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद था?

45 स्टेशनों पर यात्रियों का प्रवेश और निकास बंद रखा गया था।

Q. दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल कितने स्टेशन हैं?

DMRC के अनुसार, पूरे नेटवर्क में 303 स्टेशन शामिल हैं।

Q. कितने स्टेशन यात्रियों के लिए चालू रहे?

258 स्टेशन यात्रियों के लिए खुले और चालू रहे।

Q. 10 अक्टूबर को कितने यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया?

उस दिन यात्रियों की संख्या करीब 32 लाख रही।

Q. सामान्य सेकंड सैटरडे को कितने यात्री मेट्रो से सफर करते हैं?

DMRC ने सामान्य सेकंड सैटरडे के लिए लगभग 58 लाख यात्रियों का आंकड़ा दिया।

Q. 45 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किस आधार पर हुआ?

DMRC के मुताबिक, यह कदम कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के आकलन और निर्देशों पर उठाया गया।

Q. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्या निर्देश दिया था?

अदालत ने कहा था कि दिल्ली आने वाली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।