दिल्ली में पुराने ट्रैफिक चालानों से परेशान वाहन मालिकों के लिए 25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यहां पात्र चालानों का समझौता कम रकम में हो सकता है और मजिस्ट्रेट रकम घटाने या पूरी तरह माफ करने का फैसला कर सकते हैं।

यह आयोजन दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मिलकर करेंगे। लोक अदालत राजधानी के सात प्रमुख जिला अदालत परिसरों में लगेगी। चालानों का निपटारा सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा।

पहले यह कार्यक्रम 10 अक्टूबर के लिए तय था। बाद में इसकी तारीख बदलकर 25 अक्टूबर कर दी गई। 30 जून 2026 तक जारी हुए पात्र ट्रैफिक चालान इस प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे। 1 वाहन मालिक अधिकतम सात चालानों का समझौता करा सकेगा।

टोकन लेना क्यों जरूरी है

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है। ऑनलाइन पर्ची या टोकन के बिना अदालत परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे वाहन मालिक अपने चालानों का लोक अदालत में निपटारा भी नहीं करा सकेंगे।

चालान डाउनलोड करने और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने की सुविधा 19 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। टोकन सीमित संख्या में होंगे और स्लॉट पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे। कई लंबित चालान वाले वाहन मालिकों को पोर्टल खुलने पर जल्द स्लॉट बुक करना होगा।

ऑनलाइन टोकन ऐसे बुक करें

वाहन मालिक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लोक अदालत पोर्टल पर जाकर अपने वाहन नंबर से स्लॉट आरक्षित कर सकेंगे। प्रक्रिया में ये कदम शामिल हैं:

  • पोर्टल के होमपेज पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट फॉर लोक अदालत विकल्प चुनें।
  • वाहन नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।
  • वाहन की आरसी से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को वेरीफाई करें।
  • स्क्रीन पर दिखाई देने वाले लंबित चालान या कोर्ट नोटिस देखें।
  • अपनी सुविधा के अनुसार कोर्ट कॉम्प्लेक्स और समय चुनें।
  • जानकारी की जांच करके चेक बॉक्स पर टिक करें और सबमिट दबाएं।
  • टोकन को प्रिंट करें या पीडीएफ के रूप में सेव कर लें।

टोकन पर आवंटित कोर्ट नंबर और संबंधित मजिस्ट्रेट का विवरण दर्ज रहेगा। इसलिए इसे डाउनलोड करने के बाद प्रिंटआउट संभालकर रखना जरूरी होगा।

अदालत जाते समय ये कागज रखें

सुनवाई के लिए वाहन मालिक को लोक अदालत का डाउनलोड किया हुआ टोकन या स्लिप साथ ले जानी होगी। इसके अलावा ट्रैफिक चालान का मूल दस्तावेज या नोटिस की प्रति भी रखनी होगी।

वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी साथ रखना होगा। पहचान के लिए आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र रखने को कहा गया है।

लोक अदालत में निपटारे की रकम हर मामले में मजिस्ट्रेट के निर्णय पर निर्भर करेगी। इसलिए चालान कम रकम में या पूरी तरह माफ होने की संभावना बताई गई है, लेकिन किसी विशेष चालान के परिणाम की गारंटी नहीं दी गई है।

निष्कर्ष

25 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के सात जिला अदालत परिसरों में पात्र पुराने ट्रैफिक चालानों के निपटारे का अवसर मिलेगा। इसके लिए 19 अक्टूबर 2026 से टोकन बुक करना होगा और अदालत जाने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. दिल्ली में ट्रैफिक चालान लोक अदालत कब होगी?

राष्ट्रीय लोक अदालत 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।

Q. लोक अदालत में कितने बजे से चालान निपटेंगे?

चालानों का निपटारा सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।

Q. कौन से चालान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे?

30 जून 2026 तक जारी हुए पात्र ट्रैफिक चालान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।

Q. 1 वाहन मालिक कितने चालानों का समझौता करा सकता है?

1 वाहन मालिक अधिकतम सात चालानों का समझौता करा सकेगा।

Q. टोकन बुकिंग कब शुरू होगी?

चालान डाउनलोड करने और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा 19 अक्टूबर 2026 से उपलब्ध होगी।

Q. टोकन के बिना लोक अदालत में क्या होगा?

टोकन या ऑनलाइन पर्ची के बिना अदालत परिसर में प्रवेश और चालान निपटारा संभव नहीं होगा।

Q. टोकन बुक करने के लिए क्या चाहिए?

वाहन नंबर, कैप्चा कोड और आरसी से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी चाहिए।

Q. अदालत जाते समय कौन से दस्तावेज रखने होंगे?

टोकन या स्लिप, चालान या नोटिस की प्रति, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और सरकारी पहचान पत्र साथ रखना होगा।