कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। तीनों को शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में लिया था।
सीजेपी से जुड़े गौरव भाटी ने तीनों नेताओं की रिहाई और बंदी प्रत्यक्षीकरण की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की। उन्होंने बाद में बताया कि याचिका उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दाखिल की थी, सीजेपी की ओर से नहीं।
याचिका में हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई थी। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को हिरासत में लेने की परिस्थिति और उसका कानूनी आधार बताने की मांग की गई थी। हालांकि, दाखिल होने के कुछ घंटों बाद ही भाटी ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।
याचिका वापस लेने की अपील क्यों की गई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसी बीच रविवार को सुप्रीम कोर्ट में ट्रेन, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों पर लगाई गई पाबंदियों से जुड़ी एक अवमानना याचिका पर सुनवाई होनी है।
एयरपोर्ट से हिरासत और प्रदर्शन पर कार्रवाई
दीपके, दास और रांका मुंबई से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे। विमान से बाहर निकलने से पहले ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और अपने साथ ले गए। देर शाम तक हिरासत में लिए गए हजारों सीजेपी समर्थकों को रिहा कर दिया गया, लेकिन तीनों नेता पुलिस हिरासत में बने रहे।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन का ऐलान किया था। प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में लिए जाने के अलावा, चार पूर्व मुख्यमंत्रियों और यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत सात हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन को रोकने के लिए लुटियन दिल्ली में तीस हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए और प्रदर्शन के लिए तय जंतर-मंतर पूरे दिन सुनसान दिखाई दिया।
रविवार के आंदोलन पर नजर
सीजेपी ने रविवार को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं है और निर्धारित स्थल पर जाने पर अड़ा हुआ है।
ऐसे में दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को कब रिहा किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
निष्कर्ष
सीजेपी नेताओं की हिरासत के बीच उनकी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद उसे वापस लेने की अनुमति मांगी गई। रविवार के प्रस्तावित प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत पर आगे की स्थिति अभी साफ नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सीजेपी के किन नेताओं को हिरासत में लिया गया?
अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया।
Q. तीनों नेताओं को कहां से हिरासत में लिया गया?
उन्हें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। वे मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे।
Q. सुप्रीम कोर्ट में किसने याचिका दायर की?
सीजेपी से जुड़े गौरव भाटी ने याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि इसे उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दाखिल किया था।
Q. याचिका में क्या मांग की गई थी?
याचिका में नेताओं की रिहाई, बंदी प्रत्यक्षीकरण और हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की गई थी।
Q. क्या याचिका वापस ले ली गई?
भाटी ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी थी। इसे वापस लेने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
Q. प्रदर्शन को लेकर सीजेपी का अगला कदम क्या है?
सीजेपी ने रविवार को जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।






