उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या सीट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। योगी की चुनौती के बाद अखिलेश ने साफ किया कि अयोध्या से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडेय होंगे। इससे दोनों नेताओं के सीधे चुनावी मुकाबले की चर्चा पर विराम लग गया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए पवन पांडेय के नाम का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पवन का झोंका आएगा और अहंकार उड़ जाएगा। पोस्ट में उन्होंने अयोध्या में चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़े लोगों को हराने की बात भी कही।
सपा अध्यक्ष ने अपने संदेश में एक युवा 'पीडीए प्रहरी' को पर्याप्त बताते हुए भाजपा पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा चुनाव का संदर्भ दिया और अयोध्या की माताओं का भी उल्लेख किया। पोस्ट में उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या भाजपा के आंतरिक सर्वे में यह सामने आया है कि अयोध्या से उसकी ओर से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि अखिलेश में हिम्मत है तो वह अयोध्या से नामांकन दाखिल करके मैदान में आएं। योगी ने यह भी कहा कि मुकाबला समर्थकों या चेलों के बीच नहीं, बल्कि आमने-सामने होना चाहिए।
योगी ने समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि सपा समय-समय पर पीडीए का अर्थ बदलती रहती है और अब इसका मतलब 'प्रदेश डुबाऊ अथॉरिटी' हो गया है।
इससे पहले अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। अखिलेश ने यह दावा भी किया था कि सपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है और हर सर्वे में पीछे है।
पवन पांडेय को पहले ही उम्मीदवार बना चुकी है सपा
समाजवादी पार्टी ने अयोध्या विधानसभा सीट के लिए पवन पांडेय के नाम की घोषणा लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान की थी। यह घोषणा पांच अगस्त को की गई थी और इसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी से जोड़कर देखा गया। अखिलेश यादव ने उस कार्यक्रम में पवन पांडेय से चुनाव जीतकर लौटने को कहा था।
अयोध्या विधानसभा सीट के दायरे में राम मंदिर क्षेत्र भी आता है। इसी वजह से इसे उत्तर प्रदेश की चर्चित सीटों में गिना जाता है। पवन पांडेय को उम्मीदवार बनाने के बाद अब सपा का मुकाबला सीधे अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच नहीं होगा।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पार्टी छोड़कर जा चुके लोगों को वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जो लोग सपा छोड़कर गए हैं, वे जा चुके हैं।
निष्कर्ष
योगी आदित्यनाथ की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती के जवाब में अखिलेश यादव ने पवन पांडेय को सपा उम्मीदवार बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अयोध्या में दोनों नेताओं के आमने-सामने चुनाव लड़ने की स्थिति नहीं बनती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अयोध्या से समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार कौन है?
समाजवादी पार्टी ने अयोध्या विधानसभा सीट से पवन पांडेय को उम्मीदवार बनाया है।
Q. क्या योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव अयोध्या से आमने-सामने चुनाव लड़ेंगे?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसा नहीं होगा। अखिलेश यादव ने सपा की ओर से पवन पांडेय का नाम बताया है।
Q. योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को क्या चुनौती दी?
उन्होंने अखिलेश यादव से अयोध्या से नामांकन दाखिल कर आमने-सामने चुनाव लड़ने को कहा था।
Q. अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ पर राजनीतिक तंज कसा और पवन पांडेय की उम्मीदवारी का उल्लेख किया।
Q. पवन पांडेय के नाम की घोषणा कब हुई थी?
सपा ने पांच अगस्त को लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान अयोध्या सीट से पवन पांडेय के नाम की घोषणा की थी।






