चीन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक नियमन में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का समर्थन किया है। बीजिंग ने ओपन-सोर्स एआई सहयोग और ग्लोबल साउथ की अधिक भागीदारी को भविष्य के तकनीकी नियमों की बुनियाद बताया।

यह रुख शियोनगआन न्यू एरिया में 3 दिन चले वैश्विक मंच के समापन पर जारी सहमति दस्तावेज में सामने आया। 'ग्लोबल गवर्नेंस: शियोनगआन विजन' नाम के इस दस्तावेज में एआई के जिम्मेदार विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया गया है।

चीनी अधिकारियों के अनुसार, मंच में 90 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ग्लोबल साउथ से यहां विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का संकेत है, जिनमें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका तथा एशिया और ओशिनिया के कुछ हिस्से शामिल हैं।

ओपन-सोर्स एआई पर चीन का जोर

दस्तावेज में शोध निष्कर्षों और तकनीकी विशेषज्ञता को साझा करने की अपील की गई है। इसका उद्देश्य उन्नत एआई तकनीक तक पहुंच को व्यापक बनाना बताया गया है। चीन ने ओपन-सोर्स एआई को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

ओपन-सोर्स मॉडल में डेवलपर और कंपनियां उपलब्ध मॉडल को डाउनलोड करके उसमें बदलाव कर सकती हैं और उसके आधार पर नए उत्पाद बना सकती हैं। स्रोत सामग्री के अनुसार, चीनी कंपनियों ने इसी तरह के खुले मॉडल ढांचे पर जोर दिया है।

दस्तावेज में यह भी कहा गया कि एआई से जुड़े तकनीकी और नैतिक जोखिमों को गंभीरता से लेना जरूरी है। इसमें तकनीक के दुरुपयोग को रोकने और एआई को मानव नियंत्रण में बनाए रखने की बात कही गई है।

संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर

चीन ने एआई के नियमन में संयुक्त राष्ट्र को केंद्रीय भूमिका देने की मांग की। उसके अनुसार, सभी देशों को समान आवाज देने के लिए बहुपक्षीय निगरानी जरूरी है। यह प्रस्ताव एआई के सीमा-पार इस्तेमाल से जुड़े नियमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय करने की बहस को रेखांकित करता है।

विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक क्लाउस श्वाब ने भी इसी विचार का समर्थन किया। उनके हवाले से कहा गया कि एआई और दूसरी उभरती तकनीकों की तेज प्रगति ने नए अंतरराष्ट्रीय शासन ढांचे की तत्काल जरूरत पैदा कर दी है। श्वाब के अनुसार, चीन की भागीदारी के बिना कोई वैश्विक शासन व्यवस्था वास्तविक रूप नहीं ले सकती।

चीन और अमेरिका के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा

यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब बीजिंग और वॉशिंगटन केवल सक्षम एआई मॉडल विकसित करने को लेकर ही प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच यह मुकाबला उन मानकों को तय करने को लेकर भी है, जिनके तहत एआई का अलग-अलग देशों में इस्तेमाल होगा।

स्रोत सामग्री के अनुसार, अमेरिकी तकनीकी कंपनियां बंद-स्रोत मॉडल में बढ़त बनाए हुए हैं। इसके उलट, चीनी कंपनियां डीपसीक और अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग जैसे उदाहरणों के साथ ओपन-वेट ढांचे पर अधिक निर्भर रही हैं। अलीबाबा साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की मालिक कंपनी है।

मॉडल को स्वतंत्र रूप से डाउनलोड, अनुकूलित और आगे विकसित करने की सुविधा ने चीनी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने का रास्ता दिया है। स्रोत में कहा गया है कि इससे बीजिंग के लिए वैश्विक एआई मंच पर अपना असर बढ़ाने की संभावना बनी है।

निष्कर्ष

चीन ने एआई शासन के लिए संयुक्त राष्ट्र-केंद्रित, बहुपक्षीय व्यवस्था का समर्थन किया है। साथ ही उसने ओपन-सोर्स सहयोग, तकनीकी जानकारी साझा करने और ग्लोबल साउथ की भागीदारी को वैश्विक एआई नियमों की चर्चा का अहम हिस्सा बनाया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चीन ने एआई नियमन को लेकर क्या प्रस्ताव रखा है?

चीन ने एआई शासन में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका और बहुपक्षीय निगरानी का समर्थन किया है।

Q. चीन ओपन-सोर्स एआई पर क्यों जोर दे रहा है?

चीन ने ओपन-सोर्स एआई को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उन्नत तकनीक तक व्यापक पहुंच का माध्यम बताया है।

Q. शियोनगआन मंच में कितने देशों ने हिस्सा लिया?

चीनी अधिकारियों के अनुसार, मंच में 90 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

Q. ग्लोबल साउथ से किन क्षेत्रों का संकेत है?

इस शब्द से broadly विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का संकेत है, जिनमें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका तथा एशिया और ओशिनिया के कुछ हिस्से शामिल हैं।

Q. दस्तावेज में एआई सुरक्षा को लेकर क्या कहा गया?

दस्तावेज में एआई के तकनीकी और नैतिक जोखिमों से निपटने, दुरुपयोग रोकने और मानव नियंत्रण बनाए रखने की बात कही गई है।

Q. चीन और अमेरिका के बीच एआई को लेकर किस तरह की प्रतिस्पर्धा है?

दोनों देश सक्षम एआई मॉडल और उनके सीमा-पार इस्तेमाल के मानकों को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।