चीन और हांगकांग के शेयर एशिया में आई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तेजी का हिस्सा नहीं बन पाए हैं, फिर भी JPMorgan Asset Management दोनों बाजारों के भविष्य को लेकर संरचनात्मक रूप से सकारात्मक है। फर्म के वरिष्ठ कार्यकारी अयाज इब्राहिम के मुताबिक, इन बाजारों में चुनिंदा कंपनियों की पहचान से वृद्धि के अवसर मिल रहे हैं।
सिंगापुर, दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के लिए फर्म के CEO इब्राहिम ने कहा कि चीनी बाजार में निवेश के लिए पर्याप्त विविधता और गहराई मौजूद है। उनके अनुसार, बाजार में व्यापक दबाव के बावजूद तरलता मजबूत है और घरेलू निवेशकों का आधार भी बड़ा है।
इब्राहिम ने चीन की अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों, खासकर रियल एस्टेट, को चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी माना कि आर्थिक वृद्धि उम्मीद से धीमी रही है। इसके बावजूद, नीचे से ऊपर की ओर कंपनियों का आकलन करने वाली रणनीति में अच्छी चीनी कंपनियां सामने आ रही हैं।
तकनीक, हेल्थकेयर और निर्यात विनिर्माण क्षेत्रों की कुछ कंपनियां 15 से 20% आय वृद्धि दर्ज कर रही हैं। इब्राहिम के मुताबिक, इससे चीन के शेयर बाजार में अवसरों की कमी नहीं दिखती। उन्होंने चीन की बड़ी अर्थव्यवस्था और मजबूत निर्यात क्षमता को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।
चीन और हांगकांग के बाजारों की स्थिति
22 अक्टूबर को हैंग सेंग इंडेक्स 3% गिरकर 22,934.68 पर बंद हुआ। यह मार्च के बाद उसका सबसे खराब एकदिनी प्रदर्शन रहा। दूसरी ओर, मुख्य भूमि की बड़ी कंपनियों वाला CSI 300 इंडेक्स जून के उच्च स्तर से करीब 20% फिसलकर बेयर मार्केट में चला गया।
इसके विपरीत, वैश्विक AI हार्डवेयर मांग से जुड़े एशियाई बाजारों में तेज उछाल आया। जून के अंत तक ताइवान का बेंचमार्क करीब 54% बढ़ चुका था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग दोगुना हो गया था।
इब्राहिम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पूंजी का बड़ा हिस्सा दक्षिण कोरिया और ताइवान की ओर गया है। हालांकि, चीन की सरकार की ओर से तकनीक और AI कंपनियों को मिल रहे समर्थन से चीनी बाजार में भी पूंजी आने की उम्मीद है।
उनके मुताबिक, हांगकांग इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकता है, क्योंकि मुख्य भूमि की कई कंपनियां वहां सूचीबद्ध हैं। KPMG के अनुसार, साल के पहले 9 महीनों में हांगकांग के IPO से जुटाई गई रकम में करीब 70% हिस्सा A+H लिस्टिंग का था। इसमें मुख्य भूमि में सूचीबद्ध कंपनियां हांगकांग में अतिरिक्त शेयर जारी करती हैं।
सितंबर में जारी सरकार की पांच-वर्षीय योजना में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तकनीकी कंपनियों के लिए लिस्टिंग नियमों में ढील का अध्ययन शामिल है। योजना में सेकेंडरी लिस्टिंग के अधिक विकल्प और मुख्य भूमि के बाजारों के साथ मजबूत संपर्क की बात भी है।
हांगकांग और सिंगापुर की भूमिका
हांगकांग और सिंगापुर के बीच वित्तीय केंद्र बनने की प्रतिस्पर्धा पर भी इब्राहिम ने टिप्पणी की। ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर्स इंडेक्स की ताजा रैंकिंग में दोनों के बीच केवल एक अंक का अंतर था। हांगकांग तीसरे और सिंगापुर चौथे स्थान पर रहा।
इब्राहिम ने इस प्रतिस्पर्धा को एक-दूसरे को खत्म करने वाली लड़ाई के बजाय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बताया। उनके अनुसार, हांगकांग का संबंध ग्रेटर चीन से मजबूत है, जबकि सिंगापुर दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के लिए केंद्र की भूमिका निभाता है।
J.P. Morgan Asset Management उन तीन फर्मों में शामिल थी, जिन्हें सिंगापुर के केंद्रीय बैंक ने जुलाई 2025 में Equity Market Development Programme के तहत S$1.1 billion बांटने के लिए चुना था। यह कार्यक्रम बाद में S$6.5 billion तक बढ़ाया गया। इब्राहिम ने बताया कि फर्म को मिला आवंटन पूरी तरह निवेश किया जा चुका है।
इस पोर्टफोलियो का करीब आधा हिस्सा सिंगापुर के शेयरों में लगाया गया है। इसमें तकनीक, वित्तीय कंपनियां और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं। बाकी आधा निवेश व्यापक एशियाई बाजारों में किया गया है।
क्षेत्रीय शेयरों के सामने मुख्य जोखिम
इब्राहिम ने क्षेत्रीय शेयर बाजारों के लिए स्थिर बनी महंगाई से जुड़ी ब्याज दरों की अनिश्चितता को प्रमुख जोखिम बताया। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों से उधारी महंगी होती है और डॉलर मजबूत होता है। इसका असर ऐतिहासिक रूप से एशियाई मुद्राओं और परिसंपत्तियों के रिटर्न पर पड़ता रहा है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाईं। इसके बाद 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5% से ऊपर चली गई, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। बाद में इसमें कुछ नरमी आई।
इब्राहिम ने कहा कि यील्ड थोड़ी और बढ़ सकती है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अगले वर्ष तक महंगाई नियंत्रण में रहेगी। बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बीच उन्होंने निवेशकों से घबराने के बजाय तीन से 5 वर्ष का नजरिया रखने को कहा।
निष्कर्ष
JPMorgan Asset Management चीन और हांगकांग के शेयर बाजारों में व्यापक अवसर देखता है, भले ही दोनों बाजार हाल की AI तेजी में पीछे रहे हों। फर्म का रुख चुनिंदा कंपनियों, मजबूत तरलता और घरेलू निवेश आधार पर टिका है, जबकि ब्याज दरों और महंगाई की अनिश्चितता प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चीन और हांगकांग के शेयरों पर JPMAM का रुख क्या है?
JPMorgan Asset Management दोनों बाजारों को लेकर संरचनात्मक रूप से सकारात्मक है।
Q. किन क्षेत्रों में चीनी कंपनियों की आय वृद्धि दिखी है?
तकनीक, हेल्थकेयर और निर्यात विनिर्माण क्षेत्रों की कुछ कंपनियों में 15 से 20% आय वृद्धि दर्ज की गई है।
Q. 22 अक्टूबर को हैंग सेंग इंडेक्स में क्या हुआ?
हैंग सेंग इंडेक्स 3% गिरकर 22,934.68 पर बंद हुआ।
Q. चीन के शेयरों में पूंजी आने की उम्मीद क्यों जताई गई है?
चीन की सरकार के तकनीक और AI कंपनियों को समर्थन से पूंजी आने की उम्मीद जताई गई है।
Q. हांगकांग की IPO गतिविधि में A+H लिस्टिंग की हिस्सेदारी कितनी थी?
साल के पहले 9 महीनों में IPO से जुटाई गई रकम में A+H लिस्टिंग की हिस्सेदारी करीब 70% थी।
Q. हांगकांग और सिंगापुर की वित्तीय केंद्र रैंकिंग क्या रही?
ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर्स इंडेक्स में हांगकांग तीसरे और सिंगापुर चौथे स्थान पर रहा।
Q. क्षेत्रीय शेयर बाजारों के लिए मुख्य जोखिम क्या बताया गया है?
स्थिर बनी महंगाई से जुड़ी ब्याज दरों की अनिश्चितता को प्रमुख जोखिम बताया गया है।



