दिल्ली में Columbia University Irving Medical Center के प्रोफेसर और 2017 के रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार विजेता जोआखिम फ्रैंक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि AI विज्ञान में सहायक भूमिका निभा सकता है, लेकिन उसे विज्ञान का मुख्य संचालक नहीं माना जाना चाहिए।

फ्रैंक ने AI की क्षमताओं को लेकर बड़ी गलतफहमी पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, AI को स्वायत्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि AI स्वायत्त नहीं हो सकता और उसे स्वायत्त नहीं बनाया जाना चाहिए।

बड़े डेटा में AI की भूमिका

फ्रैंक ने माना कि AI बहुत बड़े डेटा सेट से निपटने और उनमें ट्रेंड खोजने में सक्षम है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि यह क्षमता वैज्ञानिक प्रक्रिया में सहायक होनी चाहिए।

उनके अनुसार, विज्ञान से जुड़े लोगों के लिए विज्ञान अनुभव और प्रमाण पर आधारित प्रक्रिया है। AI इस प्रक्रिया में मदद कर सकता है, लेकिन उसकी भूमिका सहायक तक सीमित रहनी चाहिए।

फ्रैंक की यह टिप्पणी AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उसकी सीमाओं और जिम्मेदार उपयोग पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने AI को वैज्ञानिक फैसलों का स्वतंत्र आधार बनाने के बजाय समर्थन देने वाली तकनीक के रूप में देखने की बात कही।

निष्कर्ष

जोआखिम फ्रैंक के मुताबिक, AI बड़े डेटा में पैटर्न और ट्रेंड खोजने में उपयोगी है, लेकिन विज्ञान में उसे सहायक भूमिका से आगे नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने AI को स्वायत्त बनाने की दिशा को खतरनाक बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. जोआखिम फ्रैंक कौन हैं?

जोआखिम फ्रैंक Columbia University Irving Medical Center के प्रोफेसर और 2017 के रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार विजेता हैं।

Q. फ्रैंक ने AI के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि AI को मुख्य संचालक नहीं, बल्कि सहायक तकनीक की भूमिका में रहना चाहिए।

Q. फ्रैंक AI को किस काम में उपयोगी मानते हैं?

उन्होंने कहा कि AI बड़े डेटा सेट से निपटने और उनमें ट्रेंड खोजने में मदद कर सकता है।

Q. क्या फ्रैंक AI को स्वायत्त बनाने के पक्ष में हैं?

नहीं। उन्होंने कहा कि AI स्वायत्त नहीं हो सकता और उसे स्वायत्त नहीं बनाया जाना चाहिए।

Q. फ्रैंक ने किस बात को खतरनाक बताया?

उन्होंने AI की क्षमताओं को लेकर गलतफहमी और उसे स्वायत्त बनाने की दिशा को खतरनाक बताया।