राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा ने प्रत्याशियों के नामों पर सस्पेंस बना रखा है। सपा 2 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है, लेकिन तीसरे नाम पर अभी फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है। भाजपा ने 9 पर्चे खरीदे हैं, फिर भी उसने अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
सपा की ओर से भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कुछ विधायकों के साथ होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सपा के 25 प्रत्याशियों के भाजपा के संपर्क में होने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि सरप्राइज सपा नहीं, भाजपा देगी।
भाजपा की रणनीति पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा यह देख रही है कि सपा तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारती है या नहीं। अगर सपा तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारती, तो भाजपा के आठवें प्रत्याशी के लिए रास्ता आसान हो सकता है।
स्रोत में यह भी कहा गया है कि भाजपा आठवें प्रत्याशी को जिताने के लिए जरूरी इंतजाम करने के बाद ही अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रत्याशियों की संख्या और नाम को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सीटों का गणित
राज्यसभा की कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है। स्रोत के अनुसार, इनमें पहले भाजपा के पास 8, जबकि सपा और बसपा के पास 1-1 सीट थी। संख्या बल के आधार पर भाजपा 7 सीटें आसानी से जीत सकती है और दूसरी प्राथमिकता के मतों से आठवीं सीट हासिल करने की कोशिश कर सकती है। सपा के लिए 2 सीटों पर जीत आसान बताई गई है।










