दिल्ली में म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन और राजदूत वोल्फगैंग इशिंगर ने कहा कि यूरोप अमेरिका के साथ अपने संबंधों को बनाए रखना चाहता है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच वह किसी एक साझेदार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहता।

इशिंगर के मुताबिक, हाल के वर्षों में अमेरिका यूरोप के लिए उतना भरोसेमंद साझेदार नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोप की नजर से अमेरिका के साथ जितना संभव हो, उतना करीबी रिश्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया युद्ध और टैरिफ युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच अमेरिका की भूमिका और इन संकटों से बाहर निकलने के सवाल पर की। इशिंगर ने बताया कि अमेरिका में कुछ ही हफ्तों में चुनाव होने वाले हैं।

यूरोप की रणनीति में बदलाव

इशिंगर ने कहा कि मौजूदा अस्थिरता के कारण यूरोप अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विविधता लाने और जुड़ाव में जोखिम घटाने पर ध्यान दे रहा है। उनका कहना था कि यूरोप दुनिया भर में दूसरे साझेदारों की तलाश के लिए तैयार है।

इसी संदर्भ में उन्होंने भारत को वर्तमान समय के साथ-साथ भविष्य के लिए भी बेहद संभावनाशील साझेदार बताया। उनके बयान में भारत के साथ संबंधों को यूरोप की व्यापक साझेदारी रणनीति के एक अहम हिस्से के रूप में देखा गया।

# भारत के लिए संकेत

इशिंगर की टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि यूरोप अमेरिका के साथ संबंध जारी रखते हुए अन्य देशों के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत करने की संभावना देख रहा है। भारत को उन्होंने ऐसे ही संभावनाशील साझेदारों में शामिल किया।

निष्कर्ष

इशिंगर के बयान का मुख्य संदेश यह है कि यूरोप अमेरिका से दूरी नहीं बनाना चाहता, लेकिन मौजूदा अस्थिरता के बीच अपने साझेदारों का दायरा बढ़ाना चाहता है। इस दिशा में भारत को उन्होंने महत्वपूर्ण संभावनाओं वाला देश बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. वोल्फगैंग इशिंगर कौन हैं?

वह राजदूत और म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन हैं।

Q. इशिंगर ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में अमेरिका यूरोप के लिए उतना भरोसेमंद साझेदार नहीं रहा है।

Q. क्या यूरोप अमेरिका से संबंध खत्म करना चाहता है?

नहीं। इशिंगर ने कहा कि यूरोप अमेरिका के साथ सबसे करीबी संभव संबंध बनाए रखना चाहता है।

Q. यूरोप अपनी रणनीति में क्या बदलाव चाहता है?

वह अपने रिश्तों में विविधता लाना और अपने जुड़ाव में जोखिम घटाना चाहता है।

Q. भारत को लेकर इशिंगर की राय क्या है?

उन्होंने भारत को वर्तमान और भविष्य के लिए बेहद संभावनाशील साझेदार बताया।