सीरिया में सैन्य प्रभाव को लेकर इसराइल और तुर्की के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। तुर्की ने ग़ज़ा से जुड़े एक मामले में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से रेड नोटिस मांगने की बात कही है।
यह विवाद सीरिया के अबू अल-दुहूर एयरबेस पर हुए इसराइली हमले के बाद और गहरा गया। सीरियाई टीवी के मुताबिक़, मंगलवार को एयरबेस के रनवे और एक भंडारण केंद्र को निशाना बनाकर आठ हवाई हमले किए गए। सीरिया और तुर्की ने इन हमलों के लिए इसराइली सेना को ज़िम्मेदार ठहराया है।
इसराइल का आरोप था कि सीरिया इस एयरबेस पर तुर्की के सैनिकों की तैनाती की अनुमति दे रहा है। तुर्की की सीमा के पास स्थित इस अड्डे पर कार्रवाई को दोनों देशों ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया है।
तुर्की में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने हमले को अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम कहा। उनके मुताबिक़, यह कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता को आगे नहीं बढ़ाती। इसराइल अमेरिका का क़रीबी सहयोगी है, जबकि तुर्की नेटो का सदस्य है।
मारियो नवाफल से बातचीत में बराक ने कहा कि इसराइल को तुर्की की ओर से एयरबेस पर सैन्य सामान पहुंचाए जाने की ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन ने इसकी जांच की और इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई। बराक के अनुसार, संबंधित पक्षों को जानकारी दी गई थी और कूटनीतिक बातचीत चल रही थी।
उन्होंने कहा कि सीरिया के विदेश मंत्री और मोसाद प्रमुख के बीच क़रीब दो घंटे तक बैकचैनल बातचीत भी हुई। इसके बाद इसराइली विमानों ने वॉशिंगटन और तुर्की को बताए बिना एयरबेस पर हमला किया। बराक के अनुसार, तुर्की ने विमानों को अपनी दिशा में आते देखा और उसे उनके मकसद की जानकारी नहीं थी।
बराक ने हमले के पीछे दो संभावनाएं बताईं। पहली, मोसाद, इसराइली सेना और नेतन्याहू के कार्यालय के बीच संवाद व्यवस्था में गंभीर समस्या हो सकती है। दूसरी, इसराइल तुर्की को उकसा रहा हो सकता है। बराक ने दूसरी संभावना को अपना अनुमान बताया।
इंटरपोल सदस्य देशों से मिले अनुरोधों की समीक्षा करता है। रेड नोटिस किसी व्यक्ति को तलाशने और अस्थायी गिरफ़्तारी का अनुरोध होता है, लेकिन इससे गिरफ़्तारी अनिवार्य नहीं हो जाती।
तुर्की के क़ानून मंत्री अकिन गुरलेक ने कहा कि नेतन्याहू और एक अन्य अभियुक्त के ख़िलाफ़ वारंट जारी हुए हैं। उन्होंने जनसंहार, मानवता के ख़िलाफ़ अपराध और यातना जैसे आरोपों का उल्लेख किया। मामला अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में 35 लोगों को निशाना बनाए जाने से जुड़ा है।
मई में इसराइली सेना ने ग़ज़ा जा रहे ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला के कम से कम दो जहाजों पर गोलीबारी की थी। रिपोर्टों के अनुसार, रोके गए बेड़े में 70 से अधिक तुर्की नागरिक थे। तुर्की ने कहा है कि वह नेतन्याहू को जवाबदेह ठहराने के लिए सभी क़ानूनी रास्ते अपनाएगा। नवंबर 2025 में उसने इसराइल के 37 वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी वारंट जारी किए थे।











