लाल किले से पाँच से पंद्रह साल की उम्र के बच्चों के लिए विभिन्न ओलंपिक खेलों में टैलेंट हंट अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य कम उम्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है।

इस पहल में बच्चों की पसंद को ही चयन का एकमात्र आधार नहीं बनाया जाएगा। यह भी आकलन किया जाएगा कि कोई बच्चा किस खेल के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है। इसके बाद उसकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।

घोषणा में कहा गया है कि अभियान के लिए सरकार की ओर से जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। बच्चों की पहचान और प्रशिक्षण की इस प्रक्रिया में सरकार साथ देने के लिए प्रतिबद्ध है।

आधुनिक खेल व्यवस्था पर जोर

सरकार ने भारत में इक्कीसवीं सदी की आधुनिक खेल व्यवस्था तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस व्यवस्था में प्रतिभा तलाशने से लेकर खिलाड़ियों को दुनिया के मंच तक पहुंचाने तक सहायता देने की बात कही गई है।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर ढांचा बनाया जा रहा है।

इस योजना का फोकस शुरुआती उम्र में सही प्रतिभा पहचानने और उसे उपयुक्त खेल से जोड़ने पर है। इससे बच्चों की रुचि और उनकी वास्तविक खेल क्षमता, दोनों को चयन प्रक्रिया में जगह मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी योजना का हिस्सा

खेल विज्ञान, प्रशिक्षण, कोचिंग और अनुभव साझा करने के लिए दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात भी कही गई है। यह सहयोग भारत की खेल व्यवस्था को आधुनिक बनाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा बताया गया है।

घोषणा में अभियान की शुरुआत, चयन की जगहों या चुने जाने वाले बच्चों की संख्या की जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल स्पष्ट किया गया है कि टैलेंट हंट विभिन्न ओलंपिक खेलों के लिए होगा और बच्चों को उनकी उपयुक्तता के आधार पर प्रशिक्षित किया जाएगा।