इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग रिटर्न की जांच, असेसमेंट और टैक्स डिमांड से जुड़े अलग-अलग मामलों में नोटिस भेजता है। हर नोटिस का कारण अलग हो सकता है। इसलिए जवाब देने से पहले उसमें लिखी जानकारी और संबंधित धारा को ध्यान से समझना जरूरी है।
नोटिस मिलने पर तय समयसीमा के भीतर जवाब देना होता है। कई मामलों में रिकॉर्ड, दस्तावेज और दूसरी जानकारी ऑनलाइन जमा करनी पड़ती है। देरी या अधूरा जवाब रिटर्न या असेसमेंट की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
रिटर्न में अंतर या गलती से जुड़े नोटिस
रिटर्न प्रोसेस करते समय विभाग को किसी संभावित अंतर या साफ गलती का पता चलने पर नोटिस जारी किया जा सकता है। यह कटौती के दावे, टैक्स क्रेडिट या नियोक्ता, बैंक और अन्य संस्थानों की दी जानकारी से जुड़ा हो सकता है।
ऐसे मामले में प्रस्तावित बदलाव को टैक्स रिकॉर्ड से मिलाना चाहिए। बदलाव सही हो तो उसे स्वीकार किया जा सकता है। गलती होने पर तय समयसीमा से पहले सहायक प्रमाण के साथ ऑनलाइन जवाब देना होता है।
# दोषपूर्ण रिटर्न का नोटिस
अधूरी जानकारी, जरूरी खुलासे न करने या निर्धारित कमियों के कारण इनकम टैक्स रिटर्न को दोषपूर्ण माना जा सकता है। विभाग ऐसी स्थिति में कमी दूर करने के लिए नोटिस भेजता है।
इनकम टैक्स के 8 नोटिस: क्यों आते हैं और मिलने पर क्या करना चाहिए के मुख्य तथ्यों को समझाता इन्फोग्राफिक।
करदाता को बताई गई कमियां ठीक करके तय समय के भीतर संशोधित रिटर्न दाखिल करना चाहिए। ऐसा न करने पर रिटर्न अमान्य माना जा सकता है।
अतिरिक्त जानकारी और जांच से जुड़े नोटिस
# धारा 142(1) का नोटिस
धारा 142(1) के तहत विभाग असेसमेंट के लिए अतिरिक्त जानकारी, दस्तावेज या स्पष्टीकरण मांग सकता है। यह नोटिस उस स्थिति में भी जारी हो सकता है, जब किसी व्यक्ति ने रिटर्न दाखिल नहीं किया हो और उसे रिटर्न जमा करने के लिए कहा जाए।
मांगी गई जानकारी या दस्तावेज ई-प्रोसीडिंग्स पोर्टल के जरिए निर्धारित समयसीमा में जमा करने होते हैं। जवाब पूरा होना चाहिए और उससे जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने चाहिए।
# स्क्रूटिनी का नोटिस
रिटर्न को स्क्रूटिनी के लिए चुने जाने पर विभाग आय, कटौती, छूट या दूसरे टैक्स दावों की शुद्धता जांचता है। इस प्रक्रिया में करदाता से अलग-अलग सवालों के जवाब और प्रमाण मांगे जा सकते हैं।
सभी सवालों का सहायक दस्तावेजों के साथ जवाब देना चाहिए। असेसमेंट की कार्यवाही में समय पर अनुपालन जरूरी है।
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दोबारा असेसमेंट और रिफंड से जुड़े नोटिस
# धारा 148 का नोटिस
धारा 148 के तहत नोटिस तब जारी किया जा सकता है, जब असेसिंग अधिकारी को लगे कि ऐसी आय का असेसमेंट नहीं हुआ, जिसका आकलन होना चाहिए था। यह प्रक्रिया इनकम टैक्स कानून में तय शर्तों और सुरक्षा उपायों के अधीन होती है।
नोटिस का आधार ध्यान से जांचना, जरूरत के अनुसार रिटर्न दाखिल करना और विस्तृत जवाब देना जरूरी है। ऐसे मामलों में पेशेवर सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।
# धारा 245 का नोटिस
धारा 245 का नोटिस तब आता है, जब विभाग किसी टैक्स रिफंड को दूसरे असेसमेंट वर्ष की बकाया टैक्स डिमांड के विरुद्ध समायोजित करने का प्रस्ताव रखता है।
करदाता को पहले यह जांचना चाहिए कि बकाया डिमांड सही है या नहीं। डिमांड सही हो तो समायोजन स्वीकार किया जा सकता है। विवाद होने या भुगतान पहले ही हो जाने पर सहायक प्रमाण के साथ ऑनलाइन आपत्ति दाखिल की जा सकती है।
रिकॉर्ड में गलती और असेसमेंट आदेश से जुड़े नोटिस
# धारा 154 का नोटिस
धारा 154 के तहत रिकॉर्ड में दिखाई देने वाली गलती को ठीक करने के लिए नोटिस जारी किया जाता है। इसमें लिपिकीय, अंकगणितीय या आदेश में मौजूद दूसरी स्पष्ट गलतियां शामिल हो सकती हैं।
प्रस्तावित सुधार की समीक्षा करनी चाहिए। गलती वास्तविक हो तो सुधार स्वीकार किया जा सकता है। असहमति होने पर कारण और संबंधित आधार के साथ आपत्ति दाखिल करनी चाहिए।
# धारा 263 का नोटिस
धारा 263 का नोटिस तब जारी किया जा सकता है, जब आयुक्त को लगे कि असेसिंग अधिकारी का असेसमेंट आदेश गलत है और राजस्व के हितों के प्रतिकूल है। इस प्रक्रिया में उस आदेश को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा जाता है।
करदाता को लिखित और विस्तृत जवाब में बताना चाहिए कि आदेश न तो गलत है और न ही राजस्व के हितों के प्रतिकूल। जवाब के साथ कानूनी और तथ्यात्मक प्रमाण देने होते हैं। ऐसे मामले में पेशेवर प्रतिनिधित्व की आम तौर पर सलाह दी जाती है।
जवाब देने से पहले ध्यान देने वाली बातें
- नोटिस में दर्ज धारा, कारण और जवाब की समयसीमा पढ़ें।
- मांगी गई जानकारी को टैक्स रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों से मिलाएं।
- सही प्रस्ताव को स्वीकार करें और गलत दावे या डिमांड पर प्रमाण के साथ आपत्ति दें।
- ऑनलाइन जवाब जमा करते समय सभी जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण शामिल करें।
- स्क्रूटिनी, दोबारा असेसमेंट और धारा 263 से जुड़े मामलों में विस्तृत जवाब तैयार करें।









