यूपीआई के 10 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने डिजिटल भुगतान के रोजमर्रा के इस्तेमाल को रेखांकित किया है। मंत्रालय के अनुसार, भुगतान का तरीका अब कई मौकों पर बटुआ निकालने के बजाय केवल स्कैन करने जितना आसान हो सकता है।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का इस्तेमाल चाय और नाश्ते से लेकर किराने की खरीदारी तक किया जा रहा है। स्थानीय दुकानदार को भुगतान करना भी इसके आम उपयोगों में शामिल है।
रोजमर्रा के खर्चों में बढ़ी भूमिका
वित्त मंत्रालय ने दोस्तों के साथ डिनर का बिल बांटने को भी यूपीआई के इस्तेमाल का उदाहरण बताया है। इस तरह भुगतान की सुविधा दिन के अलग-अलग मौकों और जरूरतों से जुड़ गई है।
मंत्रालय के मुताबिक, यूपीआई चुपचाप लाखों भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। इसके जरिए छोटे दुकानदारों से खरीदारी और लोगों के बीच भुगतान, दोनों तरह के लेनदेन किए जा रहे हैं।














