अमेरिका ने रूस से डीजल मंगाने के लिए समझौता किया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इससे अमेरिका सहित दुनिया के कई हिस्सों में डीजल की कीमतें तेजी से घट सकती हैं। उनका दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही और रूसी सप्लाई बढ़ने का असर ईंधन बाजार पर पड़ेगा।
समझौते के तहत रूस शुरुआत में 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजे जाने की बात कही गई है। ट्रम्प ने कम कीमतों को अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए अपनी प्राथमिकता बताया है।
रूस पर प्रतिबंधों के बीच बदला फैसला
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका रूस पर प्रतिबंधों की नीति अपना रहा है। सितंबर में ट्रम्प ने उस कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का विकल्प मौजूद है। इसमें भारत और चीन जैसे देश शामिल हैं।
ट्रम्प ने पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद रूसी डीजल की बिक्री और आयात पर लगे वैश्विक प्रतिबंधों को 7 अप्रैल 2027 तक अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है। यह कदम रूस के खिलाफ अमेरिकी दबाव की नीति में बदलाव के तौर पर सामने आया है।
ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस से चुनावी रैली के लिए रवाना होते समय भी इस समझौते पर संतोष जताया। बाद में न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने पर तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं।
यूक्रेन ने समझौते पर जताई आपत्ति
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले को कमजोर बताया। उनका कहना है कि रूस को इससे युद्ध लंबा खींचने में मदद मिल सकती है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि समझौते से रूस को अपने हित आगे बढ़ाने और ज्यादा नुकसान पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के अनुसार, ट्रम्प ईरान युद्ध का समाधान खोजने की कोशिशों में रूस की भूमिका का स्वागत करते हैं। ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण होने का दावा भी दोहराया है। उन्होंने तेल रिफाइनरियों और खुदरा विक्रेताओं से पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत घटाने को कहा।
विशेषज्ञों को सीमित असर की उम्मीद
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ट्रम्प के ऐलान के बाद शुक्रवार को डीजल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन विशेषज्ञों ने इस समझौते के लंबे असर को लेकर सावधानी बरती है।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के ऊर्जा विशेषज्ञ क्लेटन सीगल ने कहा कि इस व्यवस्था से कीमतों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है। उनके मुताबिक, इससे रूस और पुतिन को महत्वपूर्ण फायदा मिल सकता है।
एनर्जी पॉलिसी रिसर्च फाउंडेशन के माइकल लिंच ने समझौते की तुलना डूबते जहाज से की। उनका तर्क है कि अमेरिका के रूसी डीजल खरीदने पर रूस के मौजूदा ग्राहकों के लिए सप्लाई घट सकती है। उन्हें दूसरे देशों से ईंधन लेना पड़ सकता है, जिससे कीमतें मौजूदा स्तर के आसपास बनी रह सकती हैं।
ईरान को लेकर अमेरिका की अगली योजना
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ईरान पर लगातार 3 दिन बड़े पैमाने पर बमबारी की योजना तैयार की है। इसके लिए अक्टूबर के आखिर तक पश्चिम एशिया में 20 हजार से ज्यादा नौसैनिक और मरीन सैनिक तैनात किए जाने की बात कही गई है। सैकड़ों लड़ाकू विमान और 3 विमानवाहक पोत भेजने की भी योजना है।
हालांकि, ट्रम्प फिलहाल ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए तैयार नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने ईरान और हूती विद्रोहियों पर बड़े हमलों से जुड़े 5 प्रस्ताव ठुकराए हैं। नई योजना में ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, बिजली संयंत्रों तथा सैन्य मुख्यालयों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ट्रम्प ने कहा है कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव से पहले हमला नहीं किया जाएगा।
अमेरिकी सरकार ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। यह फैसला रूस, ईरान और ऊर्जा बाजार से जुड़े व्यापक घटनाक्रमों के बीच सामने आया है।
निष्कर्ष
अमेरिका-रूस डीजल समझौते से तत्काल सप्लाई बढ़ने की उम्मीद जताई गई है, लेकिन कीमतों में बड़ी और स्थायी गिरावट को लेकर विशेषज्ञ आश्वस्त नहीं हैं। यूक्रेन ने इसे रूस के पक्ष में बताया है, जबकि आगे ईंधन बाजार और अमेरिकी नीति पर इसका असर रूसी सप्लाई तथा क्षेत्रीय युद्ध की स्थिति से जुड़ा रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अमेरिका रूस से क्या खरीदेगा?
अमेरिका रूस से डीजल खरीदेगा। समझौते के तहत रूस डीजल की कई खेप भेजेगा।
Q. रूस शुरुआत में कितना डीजल भेजेगा?
रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजे जाने की बात कही गई है।
Q. ट्रम्प ने कीमतों को लेकर क्या कहा?
ट्रम्प ने कहा कि रूसी सप्लाई और होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही बढ़ने पर डीजल की कीमतें घट सकती हैं।
Q. रूस पर लगे प्रतिबंधों में क्या बदलाव हुआ?
रूसी डीजल की बिक्री और आयात पर लगे प्रतिबंधों को 7 अप्रैल 2027 तक अस्थायी रूप से हटाया गया है।
Q. यूक्रेन ने समझौते पर क्या प्रतिक्रिया दी?
वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे कमजोर फैसला बताया। उन्होंने कहा कि इससे रूस को युद्ध लंबा खींचने में मदद मिल सकती है।
Q. विशेषज्ञ इस समझौते को कैसे देखते हैं?
क्लेटन सीगल ने कीमतों पर बड़े असर की संभावना कम बताई। माइकल लिंच के मुताबिक, कीमतें मौजूदा स्तर के आसपास रह सकती हैं।






