सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के कुछ यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate) यानी MDR को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। अदालत ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI समिति से जवाब मांगा है।
CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने संबंधित पक्षों को 4 हफ्ते के भीतर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा है। याचिका में उन यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगाए जाने को चुनौती दी गई है, जिनकी रकम ₹2,000 से अधिक है।
अदालत की कार्यवाही में क्या हुआ
संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने के फैसले को लेकर केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने इस मामले में अंतरिम रोक देने से इनकार किया है।
इसका मतलब है कि सुनवाई के दौरान MDR व्यवस्था पर तत्काल अंतरिम रोक नहीं लगाई गई है। हालांकि, केंद्र और अन्य संबंधित संस्थाओं को अब अदालत के सामने अपना जवाब दाखिल करना होगा।
मामले में नोटिस जारी होने के बाद केंद्र, RBI, NPCI और UPI समिति की प्रतिक्रियाएं रिकॉर्ड पर आएंगी। अदालत ने इन जवाबों के लिए 4 हफ्ते की समयसीमा तय की है।
₹2,000 से ऊपर के यूपीआई भुगतान पर विवाद
याचिका का केंद्र उन मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR है, जिनकी रकम ₹2,000 से अधिक है। MDR वह शुल्क है, जो मर्चेंट ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने से जुड़ा होता है। इस मामले में अदालत से इसी व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।
संबंधित रिपोर्टों में ₹2,000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR व्यवस्था के 15 अक्टूबर से जुड़े रोलआउट का भी उल्लेख है। सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था पर रोक नहीं लगाई है।
अब मामले की अगली दिशा केंद्र और अन्य संस्थाओं के जवाबों पर निर्भर करेगी। अदालत के सामने यह स्पष्ट किया जाना है कि संबंधित यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने का फैसला किस आधार पर लिया गया।
यूजर्स और मर्चेंट्स के लिए इसका मतलब
इस चरण में अदालत ने केवल नोटिस जारी किया है और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इसलिए MDR व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।
मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़ी यह सुनवाई यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले को अदालत के सामने लाती है। 4 हफ्ते की समयसीमा के बाद केंद्र, RBI, NPCI और UPI समिति के जवाब मामले की आगे की सुनवाई में अहम होंगे।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से ऊपर के कुछ यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा है। अदालत ने अंतरिम रोक नहीं लगाई, जबकि संबंधित पक्षों को 4 हफ्ते में अपना पक्ष रखना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई MDR मामले में क्या किया?
सुप्रीम कोर्ट ने MDR को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र, RBI, NPCI और UPI समिति को नोटिस जारी किया है।
Q. जवाब देने के लिए कितना समय मिला है?
संबंधित पक्षों को 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है।
Q. मामला किन यूपीआई ट्रांजैक्शन से जुड़ा है?
याचिका ₹2,000 से अधिक के कुछ यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR से जुड़ी है।
Q. क्या सुप्रीम कोर्ट ने MDR पर अंतरिम रोक लगाई है?
नहीं, अदालत ने अंतरिम रोक देने से इनकार किया है।
Q. MDR व्यवस्था का रोलआउट कब से जुड़ा है?
संबंधित रिपोर्टों में इसका रोलआउट 15 अक्टूबर से जुड़ा बताया गया है।











