गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के साथ कीमती धातुओं पर भी दबाव दिखाई दिया। चांदी के भाव में सबसे ज्यादा कमजोरी रही, जबकि सोने की कीमत में मामूली तेजी दर्ज की गई।
शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के दौर में है। निफ्टी करीब 400 अंक या 1.74% टूटकर 22,200 पर पहुंच गया। यह अपने 52 वीक के निचले स्तर के बेहद करीब है। सेंसेक्स में भी 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट आई।
चांदी और सोने के भाव
मल्टी कमोडिटी मार्केट में 4 दिसंबर फ्यूचर के लिए चांदी करीब 3000 रुपये गिरकर ₹220418 प्रति किलो पर पहुंच गई। इससे चांदी में बाजार का दबाव साफ दिखाई दिया।
इसके उलट, एमसीएक्स पर सोने की कीमत 100 रुपये बढ़कर ₹149198 प्रति 10 ग्राम हो गई। यानी घरेलू बाजार में सोने और चांदी का रुख अलग-अलग रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही अंतर नजर आया। कोमेक्स पर सोना मामूली तेजी के साथ 4,147.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। चांदी 1.90 फीसदी गिरकर 60 डॉलर प्रति औंस से नीचे रही।
चांदी में गिरावट की वजह
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में तेजी और डॉलर की मजबूती के बीच मेटल्स में कमजोरी बताई गई है। चांदी की डिमांड कम होने को भी इसके भाव में आई गिरावट की वजह माना गया है।
सोने में मामूली तेजी के पीछे चीन की खरीदारी को कारण माना गया है। चीन लगातार सोने की खरीदारी कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके भाव को सहारा मिला।
सोने-चांदी या किसी भी एसेट में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद लेने की बात कही गई है।
निष्कर्ष
गुरुवार के कारोबार में शेयर बाजार और चांदी दोनों दबाव में रहे। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी कमजोर हुई, जबकि सोने में सीमित तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी बॉन्ड मार्केट, डॉलर और चांदी की डिमांड से जुड़े कारण इस गिरावट के साथ बताए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गुरुवार को चांदी का भाव कितना गिरा?
4 दिसंबर फ्यूचर के लिए चांदी करीब 3000 रुपये गिरकर ₹220418 प्रति किलो पर पहुंची।
Q. एमसीएक्स पर सोने का भाव क्या रहा?
एमसीएक्स पर सोना 100 रुपये बढ़कर ₹149198 प्रति 10 ग्राम रहा।
Q. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव कितना था?
कोमेक्स पर सोना 4,147.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
Q. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का क्या रुख रहा?
चांदी 1.90 फीसदी गिरकर 60 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार करती दिखाई दी।
Q. चांदी की कीमत में गिरावट की वजह क्या बताई गई?
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में तेजी, डॉलर की मजबूती और चांदी की डिमांड में कमी को इसकी वजह बताया गया।






