भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सत्र गिरावट का दबाव दिखा। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में मिले-जुले रुख के साथ खुले, लेकिन थोड़ी देर बाद दोनों प्रमुख सूचकांक नीचे फिसल गए।

दोपहर रात 2:30 बजे सेंसेक्स 1,147.58 अंक यानी 1.58 प्रतिशत गिरकर 71,491.12 पर था। निफ्टी 50 इस समय 393.80 अंक यानी 1.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,209.25 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 ने सत्र के दौरान 22,254.30 तक की गिरावट दर्ज की।

बाजार में दबाव के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला। निवेशक आरबीआई की ताजा नीति के प्रभाव का भी आकलन कर रहे हैं।

सेक्टरों का प्रदर्शन

सेक्टोरल सूचकांकों में मेटल सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी मेटल में 3.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। तेल-गैस में 2.60 प्रतिशत, रियल्टी में 2.39 प्रतिशत, हेल्थकेयर में 2.21 प्रतिशत और फार्मा में 2.13 प्रतिशत की कमजोरी रही।

निफ्टी एफएमसीजी 1.81 प्रतिशत, ऑटो 1.78 प्रतिशत और मीडिया 1.71 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी 500 हेल्थकेयर में 2.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सुबह मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल्स सेक्टरों में हल्की मजबूती भी दिखाई दी थी।

ब्याज दरों और विदेशी बिकवाली का असर

विश्लेषकों के अनुसार, आरबीआई के 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' रुख और रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद इक्विटी बाजार के वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ा। ऊंची ब्याज दरों से फिक्स्ड इनकम निवेश अपेक्षाकृत अधिक आकर्षक बन सकते हैं।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि ब्याज दरों का असर फार्मास्यूटिकल्स जैसे कुछ क्षेत्रों पर तुलनात्मक रूप से कम हो सकता है। साथ ही, ऊंचे वैल्यूएशन के बावजूद ग्रोथ स्टॉक्स में निवेशकों की रुचि बनी हुई है, जबकि वैल्यू स्टॉक्स का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के 5.3 प्रतिशत से ऊपर बने रहने से बड़े शेयरों पर दबाव कायम रहने की बात कही गई है।

निष्कर्ष

भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सत्र कमजोरी रही। दोपहर रात 2:30 बजे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट थी, जबकि मेटल, तेल-गैस, रियल्टी और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों पर अधिक दबाव दिखा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सेंसेक्स में कितनी गिरावट दर्ज की गई?

दोपहर रात 2:30 बजे सेंसेक्स 1,147.58 अंक यानी 1.58 प्रतिशत गिरकर 71,491.12 पर था।

Q. निफ्टी किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?

निफ्टी 50 393.80 अंक यानी 1.74 प्रतिशत नीचे 22,209.25 पर था।

Q. निफ्टी 50 ने किस स्तर तक गिरावट दर्ज की?

निफ्टी 50 ने 22,254.30 तक की गिरावट दर्ज की।

Q. किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही?

निफ्टी मेटल में 3.23 प्रतिशत की गिरावट रही। तेल-गैस, रियल्टी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर भी नीचे रहे।

Q. बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें क्या बताई गईं?

वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, आरबीआई की मौद्रिक नीति और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को मुख्य वजहों में गिना गया।

Q. आरबीआई की नीति से जुड़ा कौन-सा बदलाव बताया गया?

स्रोत के अनुसार, आरबीआई ने 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' रुख अपनाया और रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की।