मेरठ की अदालत ने मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या और शव छिपाने की कोशिश के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया है। फैसले के बाद सौरभ की मां ने दोनों आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की।

मामले को ब्लू ड्रम केस के नाम से जाना जाता है। अदालत का यह फैसला बुधवार को आया। सौरभ की मां ने कहा कि उनके बेटे की हत्या के लिए दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

मामले में अब तक क्या हुआ

अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ 126 सुनवाइयों के दौरान अपना पक्ष रखा। यह मामला 13 महीनों तक चला। अदालत ने सुनवाई के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या तथा शव छिपाने की कोशिश के मामले में दोषी माना।

दोषसिद्धि के बाद अगला चरण सजा तय करने का है। संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, अदालत 14 अक्टूबर को दोनों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी। सौरभ की मां की मांग अब इसी चरण पर केंद्रित है।

परिवार की मांग और अगली कार्रवाई

सौरभ की मां ने अदालत के फैसले के बाद दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग दोहराई। उनका कहना है कि बेटे की हत्या के मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

इस मामले में अदालत का अगला फैसला यह तय करेगा कि दोषी ठहराए गए दोनों लोगों को कौन-सी सजा दी जाती है। अभी अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है और सजा पर निर्णय बाकी है।

निष्कर्ष

मेरठ ब्लू ड्रम केस में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की दोषसिद्धि के बाद अब अदालत 14 अक्टूबर को सजा पर फैसला सुनाएगी। सौरभ राजपूत की मां ने दोनों के लिए मौत की सजा की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ब्लू ड्रम केस में किसे दोषी ठहराया गया है?

अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया है।

Q. सौरभ राजपूत कौन थे?

सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी अधिकारी थे।

Q. आरोपियों पर किस मामले में दोष सिद्ध हुआ?

दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या और शव छिपाने की कोशिश के मामले में दोषी माना गया है।

Q. सौरभ की मां ने क्या मांग की है?

उन्होंने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के लिए मौत की सजा की मांग की है।

Q. सजा पर फैसला कब होगा?

अदालत 14 अक्टूबर को सजा पर फैसला सुनाएगी।

Q. मामले की सुनवाई कितने समय चली?

मामले में 126 सुनवाइयां हुईं और कार्यवाही 13 महीनों तक चली।