चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की कार्रवाई के बाद पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। बाजवा ने कहा कि दोनों को इस घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाना चाहिए।

बाजवा के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने महानिदेशक को 4 पत्र भेजे थे। उनका दावा है कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज कर ली जाती या कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जाता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने के बाद एक वकील ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

विपक्ष के नेता ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट तथा मुख्य न्यायाधीश के निर्देश के बाद FIR दर्ज हुई और CBI जांच में शामिल हुई। उनके अनुसार, यह कार्रवाई एजेंसी की अपनी पहल पर नहीं, बल्कि अदालत के निर्देश के तहत हुई है।

किन आरोपों का जिक्र किया गया

बाजवा ने भूमि, ग्राम पंचायतों, तबादलों और ठेकों से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का उल्लेख किया। उन्होंने इन मामलों में करोड़ों और अरबों रुपये से जुड़े कथित घोटालों की बात कही।

उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और भगवंत मान के करीबी परिवार के सदस्यों से जुड़े सीधे आरोपों का भी जिक्र किया। इन आरोपों के संबंध में कोई अंतिम जांच निष्कर्ष या अदालत का फैसला की जानकारी अभी नहीं है।

बाजवा ने सरकार पर यह संदेश देने की कोशिश करने का आरोप लगाया कि वह ईमानदार है और बाकी सभी भ्रष्ट हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भगवंत मान ने कुछ गलत नहीं किया है, तो जांच का सामना करने में परेशानी क्यों होनी चाहिए।

जांच के नतीजे पर बाजवा का बयान

विपक्ष के नेता ने कहा कि यदि तलाशी के दौरान गलत काम का कोई सबूत नहीं मिलता, तो भगवंत मान खुद को सही साबित कर सकेंगे। इसके उलट, उन्होंने कहा कि यदि सबूत सामने आते हैं, तो मुख्यमंत्री को उसके परिणामों का सामना करना चाहिए।

यह बयान चंडीगढ़ में हुई CBI कार्रवाई के राजनीतिक असर को सामने लाता है। एक तरफ विपक्ष ने अदालत के निर्देश और भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देकर जांच को जरूरी बताया है। दूसरी तरफ, उपलब्ध मूल सामग्री में मुख्यमंत्री या उनकी ओर से इस बयान का कोई जवाब शामिल नहीं है।

घटनाक्रम की पृष्ठभूमि

उपलब्ध संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने 6 अक्टूबर 2026 को भगवंत मान के कैंप ऑफिस से जुड़ी कार्रवाई की। संबंधित रिपोर्टों में मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी के घर पर कार्रवाई और भ्रष्टा4 मामले में FIR का भी उल्लेख है। इन पृष्ठभूमि तथ्यों का प्रकाशन संबंधित रिपोर्टों ने किया है।

एक अन्य संबंधित रिपोर्ट में CBI की ओर से मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी राजबीर सिंह घुमन को तलब किए जाने का उल्लेख है। इस कार्रवाई के बाद जांच की पूरी स्थिति, बरामदगी या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि की जानकारी अभी नहीं है।

मामले में सबसे अहम अगला बिंदु जांच एजेंसी की कार्रवाई और अदालत के निर्देशों के तहत आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया होगी। फिलहाल, बाजवा का बयान आरोपों और जांच का सामना करने की राजनीतिक मांग पर केंद्रित है।

निष्कर्ष

प्रताप सिंह बाजवा ने CBI कार्रवाई को हाई कोर्ट के निर्देशों से जुड़ा बताया और भगवंत मान तथा अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच के निष्कर्षों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चंडीगढ़ में CBI कार्रवाई किससे जुड़ी है?

यह कार्रवाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस से जुड़ी है। संबंधित रिपोर्टों में इसे भ्रष्टा4 मामले से संबंधित बताया गया है।

Q. प्रताप सिंह बाजवा ने किन लोगों को जिम्मेदार बताया?

बाजवा ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया।

Q. हाई कोर्ट की भूमिका क्या बताई गई है?

बाजवा के अनुसार, एक वकील की याचिका के बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर FIR दर्ज हुई और CBI जांच में शामिल हुई।

Q. किन मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख हुआ?

बाजवा ने भूमि, ग्राम पंचायतों, तबादलों और ठेकों से जुड़े कथित मामलों का जिक्र किया।

Q. क्या आरोप साबित हो चुके हैं?

नहीं। आरोपों पर कोई अंतिम जांच निष्कर्ष या अदालत का फैसला की जानकारी अभी नहीं है।