चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष पार्टाप सिंह बाजवा ने राहुल गांधी पर दर्ज FIR को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं और सांसदों के लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बाद FIR दर्ज करना लोकतंत्र की आवाज दबाने जैसा है।
बाजवा ने दावा किया कि 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, कई राज्यों में चुनाव बेहद कम अंतर से तय होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में मतदाता सूची में बदलाव का सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
उन्होंने 'Form 6' का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने ऐसे किसी बदलाव का समर्थन या अधिकार नहीं दिया। बाजवा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। यह उनका राजनीतिक आरोप है; source में चुनाव आयोग की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
बाजवा के अनुसार, कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 1 दिन पहले अपनी बात रखने के लिए साथ आकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के साथ 250–300 सांसद और हजारों लोग मौजूद थे, फिर भी उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं दिया गया।
उन्होंने राहुल गांधी को कैबिनेट रैंक वाला नेता और 'Shadow Prime Minister' के रूप में संदर्भित किया। बाजवा ने कहा कि ऐसे नेता के नेतृत्व में लोग जब अपनी लोकतांत्रिक मांग रखने जाते हैं और उसके बाद FIR दर्ज होती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
बाजवा ने FIR और राहुल गांधी के पुराने मामलों का भी जिक्र किया
बाजवा ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ पहले से लगभग 40 से 45 FIR हैं। उन्होंने दावा किया कि 1 मामले में मामूली आधार पर राहुल गांधी को सांसद पद से हटाया गया और बाद में उनके घर से भी बाहर कर दिया गया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी फिर लौटे और दोबारा निर्वाचित हुए।
इन दावों के स्वतंत्र विवरण, FIR की धाराओं और संबंधित कानूनी कार्रवाई की जानकारी source material में नहीं दी गई है। इसलिए इन पहलुओं पर कोई अतिरिक्त निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बाजवा ने कहा कि यह केवल राहुल गांधी की आवाज नहीं है, बल्कि युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं की आवाज भी है। उन्होंने दावा किया कि लोग इस प्रक्रिया को जारी नहीं रहने देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे भारत में लोग सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही, उन्होंने ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि लोगों का चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं रह गया है। यह बयान बाजवा का राजनीतिक आकलन है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि source में नहीं है।
निष्कर्ष
पार्टाप सिंह बाजवा ने राहुल गांधी पर FIR को चुनाव आयोग से जुड़े व्यापक राजनीतिक विवाद से जोड़ते हुए मतदाता सूची, 'Form 6' और विपक्षी नेताओं से मुलाकात के मुद्दे उठाए। उपलब्ध सामग्री में FIR के कानूनी विवरण या चुनाव आयोग का जवाब शामिल नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. राहुल गांधी पर FIR को लेकर बयान किसने दिया?
पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष पार्टाप सिंह बाजवा ने यह बयान दिया।
Q. बाजवा ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने और इस प्रक्रिया को जानबूझकर तथा असंवैधानिक बताया।
Q. बाजवा ने 'Form 6' के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'Form 6' के संबंध में ऐसे बदलावों का समर्थन या अधिकार नहीं दिया।
Q. बाजवा के अनुसार विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त से क्यों मिलना चाहते थे?
उनके अनुसार, कांग्रेस और विपक्षी दल अपनी बात रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का समय मांग रहे थे।
Q. क्या चुनाव आयोग का जवाब उपलब्ध है?
नहीं। उपलब्ध source material में चुनाव आयोग या ज्ञानेश कुमार की कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।










