असम के कोकराझार की विशेष POCSO अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग से यौन हमले के मामले में 45 वर्षीय बोडियोट खान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मार्च 2023 का है।
अदालत की अध्यक्षता विशेष न्यायाधीश नूर जमाल हक ने की। फैसले के तहत खान पर ₹20,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (POCSO Act) के तहत चला।
फैसले की मुख्य बातें
- आरोपी: बोडियोट खान
- उम्र: 45 साल
- पीड़ित: 15 वर्षीय नाबालिग
- घटना का समय: मार्च 2023
- सजा: 20 साल का कठोर कारावास
- जुर्माना: ₹20,000
रिपोर्ट में 6 महीने की अतिरिक्त सजा का भी उल्लेख है। इस अतिरिक्त अवधि को लागू करने की शर्त का पूरा विवरण स्पष्ट नहीं है।
यह फैसला कोकराझार में विशेष POCSO अदालत ने सुनाया है। उपलब्ध रिपोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों, अभियोजन या बचाव पक्ष की दलीलों और अदालत के विस्तृत आदेश की जानकारी नहीं है।
फैसले का असर
POCSO मामलों में अदालत का फैसला नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों पर कानूनी कार्रवाई का नतीजा तय करता है। इस मामले में अदालत ने आरोपी को लंबी अवधि के कठोर कारावास के साथ आर्थिक दंड भी दिया है।
फैसले में पीड़ित की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। नाबालिग की उम्र 15 साल बताई गई है, जबकि आरोपी की उम्र 45 साल है।
निष्कर्ष
कोकराझार की विशेष अदालत ने मार्च 2023 के नाबालिग से यौन हमले के मामले में बोडियोट खान को 20 साल के कठोर कारावास और ₹20,000 जुर्माने की सजा दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कोकराझार POCSO अदालत ने किसे सजा सुनाई?
अदालत ने 45 वर्षीय बोडियोट खान को सजा सुनाई।
Q. सजा कितने साल की है?
बोडियोट खान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है।
Q. मामला कब का है?
यह मामला मार्च 2023 का है।
Q. पीड़ित की उम्र कितनी थी?
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित 15 वर्षीय नाबालिग था या थी।
Q. अदालत ने कितना जुर्माना लगाया?
अदालत ने ₹20,000 का जुर्माना लगाया है।
Q. फैसला किस न्यायाधीश ने सुनाया?
फैसला विशेष न्यायाधीश नूर जमाल हक की अदालत ने सुनाया।












