IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ने वाले सेकेंड ईयर छात्र की शुक्रवार शाम हॉस्टल के कमरे में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र अपने कमरे में गया था। शाम को वह कमरे में फंदे से लटका मिला।
इससे पहले छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। IIT बॉम्बे के अनुसार, उसने क्वेश्चन पेपर ChatGPT पर अपलोड किया था। संस्थान ने बताया कि इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, परीक्षा शाम 4 बजे खत्म हुई थी। इसके बाद छात्र अपने कमरे में चला गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद कैंपस में प्रदर्शन
छात्र की मौत की खबर फैलने के बाद कैंपस में विरोध शुरू हो गया। 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की।
प्रदर्शन के बाद संस्थान ने चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी हैं। IIT बॉम्बे ने छात्र की मौत पर दुख जताया है। संस्थान ने कहा कि छात्र के दोस्तों, फैकल्टी सदस्यों और इस घटना से प्रभावित अन्य लोगों को मदद दी जा रही है।
IIT बॉम्बे में पहले के मामलों का उल्लेख
रिपोर्ट में पिछले 7 महीने के दौरान कैंपस में आत्महत्या के 3 मामलों का उल्लेख किया गया है। इसमें फरवरी 2026 में हॉस्टल 4 में सेकेंड ईयर छात्र की मौत, जुलाई 2026 में उसी हॉस्टल में 20 वर्षीय बीटेक सेकेंड ईयर छात्र की मौत और 18 सितंबर 2026 को पवई कैंपस में परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद हुई छात्र की मौत शामिल है।
इन घटनाओं के बाद कैंपस में छात्रों की सुरक्षा, मानसिक तनाव और प्रशासनिक प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। मौजूदा मामले में विरोध के बाद परीक्षाएं स्थगित की गई हैं और जांच जारी है।
स्टूडेंट वेलनेस सेंटर से मदद
IIT बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव से जुड़ी मदद के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) मौजूद है। यहां पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में सहायता ली जा सकती है।
समय लेने के लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल या 022-2576-9070 पर फोन किया जा सकता है।
किसी छात्र में लगातार चिड़चिड़ापन, पढ़ाई से दूरी, खुद को कमरे में बंद रखना, कम खाना-सोना या निराशा की बातें दिखें, तो ये भारी मानसिक तनाव के संकेत हो सकते हैं।
दूसरे संस्थान की घटना का संदर्भ
रिपोर्ट में IIT दिल्ली के एक छात्र की मौत का भी संदर्भ दिया गया है। बेगूसराय के ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त को IIT दिल्ली कैंपस में आत्महत्या की थी। बताया गया है कि उसने लेक्चरर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से छलांग लगाई थी। इस घटना के बाद कमरे, प्रोजेक्ट और छात्रों के विरोध से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
निष्कर्ष
IIT बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद छात्रों का विरोध, मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं का स्थगन और संस्थान की जांच इस मामले के मुख्य घटनाक्रम हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. IIT बॉम्बे में छात्र की मौत कब हुई?
शुक्रवार शाम छात्र की हॉस्टल के कमरे में मौत हुई।
Q. छात्र किस विभाग में पढ़ता था?
वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग का सेकेंड ईयर छात्र था।
Q. परीक्षा से जुड़े विवाद में क्या हुआ था?
छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। IIT बॉम्बे के मुताबिक, उसने क्वेश्चन पेपर ChatGPT पर अपलोड किया था।
Q. घटना के बाद छात्रों ने क्या किया?
400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की।
Q. क्या मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाली गई हैं?
हां, छात्रों के विरोध के बाद चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
Q. शव को कहां भेजा गया है?
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया है।
Q. IIT बॉम्बे में मानसिक स्वास्थ्य मदद कहां मिलती है?
स्टूडेंट वेलनेस सेंटर में पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद मिलती है। समय के लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल या 022-2576-9070 पर फोन किया जा सकता है।














