गार्टनर की बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 49.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग मजबूत बनी हुई है।
मेमोरी से जुड़ी लागत बढ़ने के बावजूद एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों का खर्च खास तौर पर कमजोर नहीं हुआ है। गार्टनर के विशिष्ट उपाध्यक्ष विश्लेषक जॉन-डेविड लवलॉक के मुताबिक, एआई डेटा सेंटर क्षमता तैयार करना मानव इतिहास की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल हो गया है।
एआई सर्वर खरीद बनी रहेगी प्रमुख खर्च
हाइपरस्केलर कंपनियों और सेवा प्रदाताओं की ओर से एआई-अनुकूलित सर्वरों की खरीद खर्च का सबसे बड़ा क्षेत्र बनी रहने का अनुमान है। इससे एआई डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को समर्थन मिल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म्स का निकट अवधि का आउटलुक भी मजबूत हुआ है। 2026 के लिए इस क्षेत्र की अनुमानित वृद्धि 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 39 प्रतिशत कर दी गई है।
कंपनियां, सॉफ्टवेयर प्रदाता और सेवा फर्म अपनी जरूरतों के हिसाब से कस्टम एआई एप्लिकेशन तैयार करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इस बदलाव से ऐसे प्लेटफॉर्म्स की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जो अलग-अलग कारोबारी कामकाज के लिए विशिष्ट एप्लिकेशन विकसित करने में मदद करते हैं।
कंपनियां चाहती हैं खर्च पर ज्यादा नियंत्रण
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां सेवा प्रदाताओं से लागत नियंत्रण और वर्कफ्लो में एआई इस्तेमाल की ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं चाहती हैं। इसका उद्देश्य एआई प्रोजेक्ट्स की सफलता को ज्यादा स्पष्ट तरीके से मापना है।
मॉडल डेवलपर्स पर भी ऐसे एआई मॉडल उपलब्ध कराने का दबाव बढ़ रहा है, जो कम लागत में काम करें। कंपनियां और उद्योग अपनी खास जरूरतों के अनुरूप मॉडल चाह रहे हैं। इसी से डोमेन-स्पेसिफिक लैंग्वेज मॉडल्स के लिए छोटा, लेकिन तेजी से बढ़ता अवसर बन रहा है।
जनरेटिव एआई मॉडल्स के लिए 2026 की अनुमानित वृद्धि दर भी पहले के 110 प्रतिशत से बढ़ाकर 117 प्रतिशत कर दी गई है। यह बदलाव इस क्षेत्र में बढ़ती कारोबारी दिलचस्पी और मॉडल्स की मांग को दर्शाता है।
बड़े बदलावों की जगह छोटे प्रोजेक्ट्स पर जोर
जॉन-डेविड लवलॉक के अनुसार, कंपनियां व्यापक कारोबारी बदलावों के लिए सेवा प्रदाताओं पर पहले से कम निर्भर हो रही हैं। वे मौजूदा सॉफ्टवेयर प्रणालियों में एआई सुविधाओं का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए छोटे और विशिष्ट प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान दे रही हैं।
इसका मतलब है कि एआई निवेश केवल बड़े, एकमुश्त बदलावों तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनियां अपने मौजूदा सिस्टम में जरूरत के अनुसार सुविधाएं जोड़कर इस्तेमाल और लागत पर बेहतर पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हैं।
2030 तक एआई सेवाओं में बड़ा अवसर
रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े परिवर्तनकारी प्रोजेक्ट्स और अप्रत्यक्ष एआई प्रोजेक्ट्स का संयुक्त असर 2030 तक एआई सेवाओं में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का अवसर पैदा कर सकता है। इस आकलन में सेवाओं, सॉफ्टवेयर विकास, परामर्श और डिजिटल बदलाव से जुड़े कामकाज की संभावनाएं शामिल हैं।
निष्कर्ष
गार्टनर का अनुमान बताता है कि एआई खर्च की अगली लहर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कस्टम एप्लिकेशन, लागत नियंत्रण और विशिष्ट कारोबारी इस्तेमाल पर केंद्रित होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. 2026 में वैश्विक एआई खर्च कितना हो सकता है?
2026 में वैश्विक एआई खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
Q. वैश्विक एआई खर्च में कितनी बढ़ोतरी का अनुमान है?
पिछले वर्ष की तुलना में 49.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।
Q. एआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म्स की वृद्धि का नया अनुमान क्या है?
2026 के लिए अनुमानित वृद्धि 39 प्रतिशत कर दी गई है।
Q. जनरेटिव एआई मॉडल्स की अनुमानित वृद्धि कितनी है?
2026 के लिए जनरेटिव एआई मॉडल्स की अनुमानित वृद्धि 117 प्रतिशत है।
Q. 2030 तक एआई सेवाओं में कितना अवसर बन सकता है?
2030 तक एआई सेवाओं में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का अवसर बनने का अनुमान है।
Q. कंपनियां एआई प्रोजेक्ट्स में किस तरह की सुविधाएं चाहती हैं?
कंपनियां लागत नियंत्रण और वर्कफ्लो में एआई इस्तेमाल की ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं चाहती हैं।













