दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से ₹3.89 प्रति किलो बढ़ जाएगी। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने यह बदलाव आयातित स्पॉट एलएनजी की लागत बढ़ने के बीच किया है।
कंपनी के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के फिर तेज होने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एलएनजी कार्गो की आवाजाही प्रभावित हुई है। जुलाई 2026 से वैश्विक एलएनजी कीमतें संकट से पहले की अवधि की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई हैं। यूरोप में सर्दियों से पहले प्राकृतिक गैस का भंडार बढ़ाने की जरूरत ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
सीएनजी की मांग बढ़ने से आयात पर निर्भरता
भारत में सीएनजी की खपत तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता मांग के साथ सीएनजी के लिए गैस की जरूरत भी बढ़ी है। इस मांग को पूरा करने के लिए सीएनजी क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली गैस का 1 महत्वपूर्ण हिस्सा आयातित स्पॉट एलएनजी से पूरा किया जा रहा है।
इससे सीएनजी क्षेत्र की इनपुट गैस लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आईजीएल ने कहा कि ₹3.89 प्रति किलो का संशोधन लागत बढ़ोतरी के 1 हिस्से की भरपाई के लिए जरूरी हो गया था। कंपनी ने इसे सीएनजी आपूर्ति की निरंतरता और भरोसेमंद उपलब्धता बनाए रखने से जुड़ा कदम बताया है।
सीएनजी का इस्तेमाल निजी कारों के अलावा ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन में होता है। कीमत में बदलाव इन उपभोक्ताओं और अन्य कीमत-संवेदनशील वर्गों के ईंधन खर्च को प्रभावित करेगा। संबंधित ऑटो और टैक्सी संगठनों ने किराया बढ़ाने की मांग की है और 9 सितंबर को हड़ताल की चेतावनी दी है।
दिल्ली की कीमत और अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना
आईजीएल के आंकड़ों के मुताबिक, होर्मुज संकट के दौरान दिल्ली में सीएनजी की खुदरा कीमत अपेक्षाकृत स्थिर रही। इसी अवधि में यूरोप के टीटीएफ और एशिया के जेकेएम एलएनजी बेंचमार्क में तेज वृद्धि दर्ज की गई।
| बेंचमार्क | शुरुआती स्तर | अंतिम स्तर | बदलाव | अवधि |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली सीएनजी, आईजीएल खुदरा | ₹77.09 प्रति किलो | ₹83.09 प्रति किलो | लगभग 7.8% | फरवरी 2026 के अंत से 27 अगस्त 2026 तक |
| यूरोप टीटीएफ गैस | लगभग $11.36 प्रति एमएमबीटीयू | लगभग $23.35 प्रति एमएमबीटीयू | लगभग 105% | फरवरी 2026 के अंत से 27 अगस्त 2026 तक |
| एशिया जेकेएम एलएनजी | लगभग $10.99 प्रति एमएमबीटीयू | $23.41 प्रति एमएमबीटीयू | लगभग 113% | फरवरी 2026 के अंत से 27 अगस्त 2026 तक |
आईजीएल का कहना है कि संशोधन के बाद भी दिल्ली की सीएनजी खुदरा कीमत उपभोक्ताओं के लिए सबसे किफायती विकल्पों में बनी रहेगी। कंपनी ने सीएनजी को प्रतिस्पर्धी, स्वच्छ और भरोसेमंद मोबिलिटी ईंधन बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
आईजीएल का नेटवर्क और उपभोक्ता आधार
आईजीएल दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, कैथल, फतेहपुर, अजमेर, पाली, राजसमंद, हमीरपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बांदा, चित्रकूट और महोबा समेत कई क्षेत्रों में गैस वितरण ढांचा संचालित करती है। इसका पाइपलाइन नेटवर्क 30,000 किलोमीटर से अधिक लंबा है।
कंपनी के अनुसार, वह सीएनजी स्टेशनों के नेटवर्क के जरिए 2.1 मिलियन से अधिक सीएनजी वाहनों की ईंधन जरूरत पूरी करती है। इन क्षेत्रों में लगभग 3.5 मिलियन घर पीएनजी से जुड़े हैं।
आईजीएल ने कहा कि वह उपभोक्ताओं के हित में अपनी सोर्सिंग लागत को बेहतर बनाने के प्रयास जारी रखेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दिल्ली में संशोधन के बाद लागू होने वाली नई अंतिम सीएनजी खुदरा कीमत का अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।














