केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक भर्ती फर्जीवाड़े की जांच में 6 राज्यों में कार्रवाई की है। एजेंसी ने पुराने परीक्षा रिकॉर्ड और आइरिस स्कैन की मदद से 257 संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान की। इनमें 172 लोग अलग-अलग बैंकों में नौकरी कर रहे थे।
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में की गई। CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई ने कई राज्यों में एक साथ छापे मारे। अधिकारियों ने इस कार्रवाई की जानकारी 8 अक्टूबर को दी।
मामले में अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 135 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी देशभर में अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। संबंधित बैंकों को अपने सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आइरिस और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से खुलासा
यह मामला इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) की शिकायत पर दर्ज FIR के बाद सामने आया। IBPS ने बैंक भर्ती परीक्षाओं में शामिल उम्मीदवारों की फोटो और बायोमेट्रिक जानकारी की दोबारा जांच की।
जांच में कुछ उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोगों के परीक्षा देने की बात सामने आई। परीक्षा के दौरान दर्ज फोटो, बायोमेट्रिक पहचान और आइरिस स्कैन में अंतर मिलने के बाद संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान की गई।
CBI के अनुसार, आरोपियों ने बैंक भर्ती प्रक्रिया के कई चरणों में उम्मीदवार बनकर परीक्षा और इंटरव्यू दिए। जांच में ऐसे रिकॉर्ड भी मिले, जिनमें परीक्षा देने वाले व्यक्ति और बाद में नौकरी पाने वाले उम्मीदवार की पहचान अलग थी।
5 साल पुराने रिकॉर्ड की दोबारा जांच
जांच में 2020 से 2024 तक आयोजित भर्ती परीक्षाओं के रिकॉर्ड खंगाले गए। इस दौरान परीक्षा के समय लिए गए उम्मीदवारों के आइरिस स्कैन का मिलान बाद की पहचान से किया गया।
कुछ आइरिस स्कैन गिरफ्तार आरोपियों से मेल खाए। हालांकि रिकॉर्ड में ये पहचान उन उम्मीदवारों के नाम पर दर्ज थी, जिन्हें बैंक में नौकरी मिली थी। इसी मिलान के आधार पर संदिग्ध उम्मीदवारों और नौकरी कर रहे लोगों के बीच संबंध जोड़े गए।
मध्य प्रदेश में जांच के बाद ग्रामीण बैंक के 19 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। IBPS ने कार्यरत लोगों सहित अन्य संदिग्धों को भी आजीवन परीक्षा से डिबार कर दिया है।
निष्कर्ष
CBI की जांच में बैंक भर्ती परीक्षाओं के पुराने आइरिस और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से 257 संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान हुई है। चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि संबंधित बैंकों में आगे की कार्रवाई सर्विस रूल्स के तहत की जानी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बैंक भर्ती फर्जीवाड़े में कितने संदिग्ध उम्मीदवार मिले?
257 संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान हुई है। इनमें 172 अलग-अलग बैंकों में नौकरी कर रहे थे।
Q. CBI ने अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
CBI ने अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
Q. कितने लोगों को आरोपी बनाया गया है?
मामले में 135 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
Q. कार्रवाई किन राज्यों में हुई?
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में कार्रवाई की गई।
Q. फर्जीवाड़े का पता कैसे चला?
2020 से 2024 तक के भर्ती रिकॉर्ड में दर्ज आइरिस स्कैन, फोटो और बायोमेट्रिक पहचान की दोबारा जांच की गई।
Q. IBPS ने संदिग्ध उम्मीदवारों के खिलाफ क्या कदम उठाया?
IBPS ने कार्यरत लोगों सहित अन्य संदिग्धों को आजीवन परीक्षा से डिबार कर दिया है।
Q. मध्य प्रदेश में क्या कार्रवाई हुई?
जांच के बाद ग्रामीण बैंक के 19 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।







