धनबाद के निरसा से CPI(ML)(L) विधायक अरूप चटर्जी को कथित तौर पर धमकी देने वाला एक ऑडियो सोशल मीडिया पर फिर प्रसारित हो रहा है। यह ऑडियो गैंगस्टर प्रिंस खान से जुड़ा बताया जा रहा है।
विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट किया कि ऑडियो नया नहीं है। उनके अनुसार, यह पहले का मामला है और इसे अब अफवाह के रूप में दोबारा फैलाया जा रहा है।
पहले दर्ज हुई थी FIR
अरूप चटर्जी ने कहा कि उस समय इस मामले में FIR दर्ज कराई गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि FIR की जांच को लेकर विधानसभा में सवाल पूछा गया था।
विधायक के मुताबिक, विधानसभा में दिए गए जवाब में बताया गया था कि दर्ज FIR की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि धमकी से जुड़ा ऑडियो पहले की घटना का है, न कि कोई नया मामला।
ऑडियो में कथित धमकी की बात सामने आई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में इसकी स्वतंत्र पुष्टि या जांच के अंतिम नतीजे का उल्लेख नहीं है। इसलिए इसे लेकर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने वाला निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सोशल मीडिया पर दोबारा प्रसार
इस पुराने ऑडियो के फिर से सामने आने के बाद विधायक ने इसके समय और संदर्भ को लेकर स्थिति साफ की। उनका कहना है कि ऑडियो को मौजूदा घटना की तरह साझा किया जा रहा है, जबकि यह पहले का मामला है।
मामले से जुड़ी FIR की जांच जारी होने की जानकारी विधानसभा में दिए गए जवाब के तौर पर सामने आई थी। उपलब्ध सामग्री में जांच पूरी होने, किसी गिरफ्तारी या अदालत की कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
निष्कर्ष
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित धमकी वाले ऑडियो को पुराना बताया है। उन्होंने कहा कि मामले में पहले FIR दर्ज हुई थी और विधानसभा में जांच जारी होने की जानकारी दी गई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सोशल मीडिया पर कौन सा ऑडियो फिर प्रसारित हो रहा है?
यह अरूप चटर्जी को कथित धमकी से जुड़ा पुराना ऑडियो है, जो सोशल मीडिया पर दोबारा साझा किया जा रहा है।
Q. अरूप चटर्जी ने ऑडियो के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ऑडियो पुराना है और इसे अफवाह के रूप में फिर प्रसारित किया जा रहा है।
Q. क्या इस मामले में FIR दर्ज हुई थी?
हां, विधायक के अनुसार उस समय इस मामले में FIR दर्ज कराई गई थी।
Q. FIR की जांच को लेकर क्या जानकारी दी गई थी?
विधायक ने बताया कि विधानसभा में सवाल पूछे जाने पर FIR की जांच जारी होने की जानकारी दी गई थी।
Q. क्या जांच पूरी होने की जानकारी उपलब्ध है?
उपलब्ध जानकारी में जांच पूरी होने, गिरफ्तारी या अदालत की कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।








