सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर हमले के मामले में सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल्स से मारपीट करने वाले नेताओं को तुरंत हिरासत में लिया जाना चाहिए और उन्हें खुलेआम घूमने नहीं दिया जाना चाहिए।
मामला कल्याण के शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई घटना से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने अस्पतालों के भीतर डॉक्टरों और अन्य मेडिकल कर्मचारियों पर होने वाली हिंसा को हल्के में न लेने की बात कही।
किस मामले पर हुई सुनवाई
यह सुनवाई शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की उस याचिका पर हुई, जिसमें उनकी जमानत की शर्तों को चुनौती दी गई थी। उनके वकील मुकुल रोहतगी ने याचिका वापस ले ली। महाराष्ट्र सरकार ने म्हात्रे की जमानत रद्द करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी किया और इसे 28 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने डॉक्टरों पर हमले में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
अस्पताल में कैसे बढ़ा विवाद
यह घटना दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी देने के मुद्दे पर हुए विवाद से जुड़ी है। घटना रविवार तड़के रिलीफ अस्पताल के गलियारों में हंगामे के बाद सामने आई।
अस्पताल के एक कर्मचारी की शिकायत के मुताबिक, शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घरत और अन्य लोग इमरजेंसी डिपार्टमेंट में पहुंचे। वहां घायल व्यक्ति को डिस्चार्ज करने को लेकर डॉक्टरों से बहस हुई।
विवाद बढ़ने पर रिसेप्शनिस्ट और एक महिला कर्मचारी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों में से एक ने रिसेप्शनिस्ट को थप्पड़ मारा और महिला कर्मचारी को धमकाया।
पुलिस ने 17 लोगों पर मामला दर्ज किया
पालघर पुलिस ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के सदस्यों समेत कम से कम 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में अस्पताल के कर्मचारियों की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज का भी उल्लेख किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अदालत डॉक्टरों पर हमले में शामिल लोगों को लेकर तत्काल हिरासत और सख्त कार्रवाई की बात कर रही है।
आगे क्या होगा
महाराष्ट्र सरकार की ओर से रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द करने की मांग पर सुनवाई आगे जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 28 सितंबर को सूचीबद्ध किया है।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हमले को गंभीर मामला बताते हुए इसमें शामिल नेताओं के खिलाफ तुरंत हिरासत और कार्रवाई की जरूरत स्पष्ट की है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हमले के मामले में क्या कहा?
अदालत ने कहा कि मारपीट में शामिल नेताओं को तुरंत हिरासत में लिया जाए और उन्हें खुलेआम न घूमने दिया जाए।
Q. मामला किस अस्पताल से जुड़ा है?
मामला कल्याण के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों पर हुए हमले से जुड़ा है।
Q. रमेश म्हात्रे कौन हैं?
रमेश म्हात्रे शिवसेना पार्षद हैं। उनकी जमानत की शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
Q. पुलिस ने कितने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया?
पालघर पुलिस ने कम से कम 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
Q. अगली सुनवाई कब होगी?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 28 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया है।
Q. विवाद किस बात को लेकर हुआ था?
विवाद दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी देने को लेकर हुआ था।











