Pranav Constructions का आईपीओ (Initial Public Offering) खुलने के करीब एक घंटे में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। 7 सितंबर को दोपहर 3.20 बजे तक इस इश्यू को कुल 4.67 गुना बोली मिल चुकी थी। निवेशकों के पास आवेदन करने के लिए 9 सितंबर तक का समय है।

कैटेगरी के हिसाब से रिटेल निवेशकों की मांग सबसे ज्यादा रही। रिटेल हिस्सा 5.09 गुना सब्सक्राइब हुआ। एनआईआई कैटेगरी में 7.84 गुना और क्यूआईबी कैटेगरी में 0.51 गुना बोली दर्ज की गई।

ग्रे मार्केट में ₹43 का प्रीमियम

ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium) इस इश्यू में निवेशकों की दिलचस्पी की एक वजह है। इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 सितंबर को शेयर ₹43 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। यह करीब 34% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। इश्यू का अब तक का सबसे ऊंचा जीएमपी ₹44 रहा है।

ग्रे मार्केट का प्रीमियम लिस्टिंग से पहले का संकेत होता है। यह आधिकारिक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता।

प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश

कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर तय किया है। एक लॉट में 120 शेयर हैं। इस हिसाब से निवेशक को कम से कम ₹14,880 का आवेदन करना होगा।

इश्यू का कुल आकार ₹351.03 करोड़ है। इसमें कंपनी 2.55 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। मौजूदा निवेशक ₹35.43 करोड़ के शेयरों की बिक्री करेंगे।

एंकर निवेशकों के लिए आईपीओ 4 सितंबर को खुला था। कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹84.25 करोड़ जुटाए हैं।

कंपनी के कारोबार और आईपीओ फंड का इस्तेमाल

Pranav Constructions रियल एस्टेट सेक्टर में काम करती है और उसका मौजूदा कारोबार ग्रेटर मुंबई में है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी 28 प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी थी। इस समय 20 प्रोजेक्ट पर कंस्ट्रक्शन जारी था, जबकि 17 प्रोजेक्ट प्रस्तावित थे। पिछले वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी में 198 स्थायी कर्मचारी थे।

आईपीओ से जुटाई गई रकम में से ₹145.72 करोड़ मौजूदा और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जाएंगे। कंपनी ₹91.50 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने में करेगी। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए रखी जाएगी।

आईपीओ के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 63.35% से घटकर 48.54% रह जाएगी। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 36.65% से बढ़कर 51.46% हो जाएगी।

निवेशकों के लिए इसका मतलब

तेज सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट प्रीमियम ने इश्यू को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, ग्रे मार्केट के संकेत और सब्सक्रिप्शन आंकड़े शेयर बाजार में रिटर्न की गारंटी नहीं देते।

निष्कर्ष

Pranav Constructions IPO को पहले दिन मजबूत मांग मिली है। आवेदन की आखिरी तारीख 9 सितंबर है, जबकि कंपनी की योजना प्रोजेक्ट्स और कर्ज से जुड़े खर्चों के लिए रकम इस्तेमाल करने की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. Pranav Constructions IPO कब खुला?

यह आईपीओ 7 सितंबर को खुला। आवेदन की आखिरी तारीख 9 सितंबर है।

Q. Pranav Constructions IPO का प्राइस बैंड क्या है?

प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर है।

Q. इस IPO में न्यूनतम निवेश कितना है?

एक लॉट में 120 शेयर हैं। न्यूनतम आवेदन राशि ₹14,880 है।

Q. कंपनी IPO से जुटाई रकम कहां लगाएगी?

₹145.72 करोड़ प्रोजेक्ट्स पर और ₹91.50 करोड़ मौजूदा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किए जाएंगे।

Q. Pranav Constructions किस सेक्टर की कंपनी है?

यह रियल एस्टेट कंपनी है और इसका मौजूदा कारोबार ग्रेटर मुंबई में है।