नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद तबाही से जुड़ी तस्वीरों के साथ बहकर आए सामानों की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। पानी कम होने के बाद लोग नदियों और मलबे में उन वस्तुओं को तलाश रहे हैं, जो बस्तियों और घरों से बहकर दूर तक पहुंच गईं।

उत्तरी पहाड़ी इलाकों में आई आपदा ने घरों, सड़कों और बस्तियों को प्रभावित किया। मलबे और कीचड़ से भरे इलाकों में बचाव दल लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। कई परिवार अब भी अपने लापता सदस्यों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।

दराज में मिले गहने और नकदी

सोशल मीडिया पर साझा 1 वीडियो में त्रिशूली बाढ़ के साथ बहकर आई 1 दराज दिखाई गई। उसे खोलने पर सोने-चांदी के गहने, नकदी और जय श्री महालक्ष्मी सुन चांदी पसल का बिल मिला।

वीडियो साझा करने वाले नेपाली एक्स उपयोगकर्ता निर्मल परसाई ने सामान के वास्तविक मालिक तक पहुंचने में मदद की अपील की। वीडियो में मौजूद लोगों ने कीमती सामान अपने पास रखने के बजाय उसे लौटाने की कोशिश की।

इस घटना पर कई लोगों ने ईमानदारी की तारीफ की। प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि सोना-चांदी और नकदी मिलने के बाद भी सामान रखने वाले का मन नहीं डोला। कुछ उपयोगकर्ताओं ने आपदा के दौरान सोशल मीडिया कवरेज की भी सराहना की और नेपाली लोगों की सुरक्षा की कामना की।

दूसरे वीडियो में नोट बांटते दिखे लड़के

1 अन्य वीडियो में कुछ लड़कों को बाढ़ के पानी के साथ बहकर आया बैग मिला। बैग में भारतीय ₹500 के नोट दिखाई दे रहे थे। वीडियो में लड़के इन पैसों को आपस में बांटते नजर आए।

इस दृश्य के बाद बैग के मालिक को लेकर सवाल उठे। यह स्पष्ट नहीं है कि बैग किसका था और उसका मालिक कहां है। यह भी पता नहीं है कि वह व्यक्ति और उसका परिवार आपदा के बाद सुरक्षित हैं या नहीं।

दोनों वीडियो नेपाल की त्रासदी के अलग-अलग पहलू सामने लाते हैं। 1 घटना में गहने और नकदी मिलने के बाद मालिक की तलाश की गई। दूसरी घटना में मिले नोटों को बांटते हुए लोग दिखाई दिए। इन दृश्यों ने आपदा के बीच मानवीय व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं। कुछ लोग गहने और नकदी लौटाने की कोशिश की सराहना कर रहे हैं। वहीं, नोट बांटने वाले वीडियो पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

नेपाल में मौत और लापता लोगों की संख्या बढ़ने के बीच मलबे से निकलने वाली ऐसी घटनाएं भी चर्चा में हैं। बहकर आए सामानों की तलाश करने वाले लोगों और उनके व्यवहार ने आपदा के बाद पैदा हुई 1 अलग चिंता को सामने ला दिया है।