भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता की मांग को यूरोप के 4 देशों का समर्थन मिला है। चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया, हंगरी और पोलैंड ने भारत को स्थायी सीट के योग्य बताया है। यह समर्थन Visegrad 4 समूह की ओर से आया है।

स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानर ने कहा कि समूह के सभी सदस्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की बड़ी ताकत भारत का समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।

भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग

भारत 1994 से सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की मांग कर रहा है। पहली बार यह मांग संयुक्त राष्ट्र महासभा के 49वें सत्र के दौरान उठाई गई थी। इसके बाद 2000 में न्यूयॉर्क में हुए संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी भारत की दावेदारी रखी थी।

भारत का कहना है कि दुनिया का भू-राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है। ऐसे में सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना को भी बदलने की जरूरत है। भारत परिषद के विस्तार की मांग करते हुए इसकी निष्पक्षता पर भी सवाल उठा चुका है।

सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य होते हैं। अस्थायी सदस्य समय-समय पर बदलते रहते हैं। अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन 5 स्थायी सदस्य हैं और इनके पास वीटो पावर है।

भारत अब तक 8 बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। भारत अपनी दावेदारी के समर्थन में दुनिया भर के शांति अभियानों में योगदान और ग्लोबल साउथ की आवाज उठाने का हवाला देता है।

स्रोत सामग्री के अनुसार, चीन भारत की स्थायी सदस्यता की राह में अड़ंगा डालता रहा है। इसी वजह से भारत की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है।

सुरक्षा परिषद में पहले कब हुआ विस्तार

1945 में स्थापना के बाद सुरक्षा परिषद का विस्तार केवल एक बार हुआ है। 1965 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन करके 4 अस्थायी सीटें बढ़ाई गई थीं। इसके बाद परिषद की कुल सदस्यता 11 से बढ़कर 15 हो गई थी। हालांकि, 5 स्थायी सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने V4 देशों के समर्थन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ये देश रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से भारत के सहयोगी रहे हैं। उनके मुताबिक, दोनों पक्ष अब सहयोग को नई दिशा देने पर विचार कर रहे हैं।

निष्कर्ष

V4 देशों का समर्थन भारत की स्थायी UNSC सदस्यता की दावेदारी के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक समर्थन है। हालांकि, सुरक्षा परिषद की स्थायी सीटों में बदलाव के लिए परिषद के विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़नी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. भारत की स्थायी UNSC सदस्यता का समर्थन किन देशों ने किया है?

चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया, हंगरी और पोलैंड ने भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है।

Q. Visegrad 4 समूह क्या है?

इस समूह में चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया, हंगरी और पोलैंड शामिल हैं।

Q. भारत कब से स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है?

भारत 1994 से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की मांग कर रहा है।

Q. भारत कितनी बार UNSC का अस्थायी सदस्य रह चुका है?

भारत अब तक 8 बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है।

Q. सुरक्षा परिषद में कितने स्थायी सदस्य हैं?

सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य हैं। अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के पास वीटो पावर है।

Q. सुरक्षा परिषद का आखिरी विस्तार कब हुआ था?

1965 में 4 अस्थायी सीटें बढ़ाकर परिषद की कुल सदस्यता 11 से 15 की गई थी।