अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने अमेरिका और चीन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के लिए परमाणु दौर जैसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियम बनाने की अपील की है। उन्होंने प्रमुख AI लैब्स के लिए निरीक्षण और सर्टिफिकेशन व्यवस्था का प्रस्ताव रखा।

खन्ना अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की चीन संबंधी चयन समिति में शीर्ष डेमोक्रेट हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क में सोमवार को कहा कि दोनों देशों को ऐसे सुरक्षा मानकों पर सहमत होना चाहिए, जो AI के नियंत्रण से बाहर जाने और उसके गलत इस्तेमाल का जोखिम घटा सकें।

यह बयान शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की आगामी शिखर बैठक से 2 दिन पहले आया है। बैठक में AI के एजेंडे में रहने की उम्मीद है। दोनों देशों ने इससे एक दिन पहले तकनीक पर संवाद शुरू करने पर सहमति जताई थी।

खन्ना का प्रस्ताव क्या है

खन्ना ने ऐसे AI सिस्टम पर रोक की मांग की, जो खुद को लगातार बेहतर बनाते रहें। उन्होंने कहा कि यह कदम उस तकनीक के व्यापक रूप से विकसित होने से पहले उठाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, प्रस्ताव का लक्ष्य मौजूद सिस्टम पर पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि आगे के विकास पर पहले से रोक लगाना है।

उन्होंने अमेरिका और चीन की अग्रणी AI लैब्स की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण व्यवस्था का सुझाव दिया। इस संदर्भ में उन्होंने चीन की Alibaba, Moonshot और DeepSeek कंपनियों तथा अमेरिकी लैब्स का नाम लिया। Alibaba, South China Morning की मालिक कंपनी है।

खन्ना ने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रपति तकनीकी बारीकियों को जाने बिना भी नियमन और अंतरराष्ट्रीय ढांचे के प्रति प्रतिबद्धता जता सकते हैं। उन्होंने बुनियादी समझ बनाने के लिए 3 महीने का लक्ष्य तय करने की बात कही।

अमेरिका ने सूचना साझा करने की व्यवस्था का प्रस्ताव दिया

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि वॉशिंगटन ने चीन के साथ AI सुरक्षा सूचना साझा करने की नई व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना था कि अमेरिका साझा लक्ष्यों और साझा खतरों की एक समान समझ चाहता है।

खन्ना ने AI प्रतिस्पर्धा की तुलना परमाणु युद्ध के जोखिम से की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इंसान AI पर नियंत्रण खो दें या गलत लोग रासायनिक अथवा जैविक हमले शुरू कर दें, तो किसी एक देश की बढ़त का कोई अर्थ नहीं रहेगा।

Asia Society के अध्यक्ष Kevin Rudd ने कहा कि दुनिया में AI की 2 बड़ी ताकतें अमेरिका और चीन हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को AI के जोखिमों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

आगामी बैठक से पहले बढ़ी सुरक्षा चिंता

खन्ना और Rudd ने सोमवार की बातचीत में AI गवर्नेंस, अमेरिकी आर्थिक प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक कूटनीति पर चर्चा की। यह बातचीत अमेरिका और चीन के अधिकारियों के बीच न्यूयॉर्क में हुई 8 घंटे की वार्ता के बाद हुई। इस वार्ता में अमेरिकी अधिकारियों Scott Bessent और Jamieson Greer तथा चीन के उपप्रधानमंत्री He Lifeng शामिल थे।

चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा करेंगे। यह 2015 के बाद अमेरिका की उनकी पहली राजकीय यात्रा होगी। वह बुधवार से शुक्रवार तक वॉशिंगटन में रहेंगे और उनके साथ उनकी पत्नी Peng Liyuan होंगी।

यह यात्रा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा वाले सप्ताह में हो रही है। इससे पहले ट्रंप मई में द्विपक्षीय शिखर बैठक के लिए बीजिंग गए थे।

शोधकर्ताओं ने AI जोखिम पर जताई चिंता

शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगले दशक में AI मानवता के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे मामलों की भी रिपोर्ट आई है, जिनमें AI एजेंट अपने निर्धारित कामों से आगे बढ़ते दिखे।

Anthropic से इस्तीफा देने वाले Jacob Coxon ने AI विकास को लेकर चिंता जताई। उन्होंने अमेरिका और चीन से विकास की रफ्तार धीमी करने तथा सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग की अपील की। उनका कहना था कि दोनों देशों में समान तकनीक बनाने वाले लोगों को इसे सावधानी और संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत समझनी चाहिए।

निष्कर्ष

अमेरिका-चीन बातचीत में AI सुरक्षा के लिए निरीक्षण, सर्टिफिकेशन और आत्म-सुधार करने वाले सिस्टम पर रोक का प्रस्ताव सामने आया है। आगामी शिखर बैठक में इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाना अगला महत्वपूर्ण कदम होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रो खन्ना ने AI को लेकर क्या मांग की है?

उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों, निरीक्षण और सर्टिफिकेशन व्यवस्था की मांग की है।

Q. किन AI सिस्टम पर रोक का प्रस्ताव है?

ऐसे सिस्टम पर रोक का प्रस्ताव है, जो खुद को लगातार बेहतर बनाते रहें।

Q. अमेरिका ने चीन के सामने क्या प्रस्ताव रखा है?

अमेरिका ने AI सुरक्षा से जुड़ी सूचना साझा करने की नई व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है।

Q. AI मुद्दा अमेरिका-चीन बैठक में क्यों अहम है?

दोनों देशों के बीच AI पर संवाद शुरू करने की सहमति बन चुकी है और तकनीक के सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ी है।

Q. शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा कब है?

चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा 23 से 25 सितंबर तक होगी।