भारतीय मूल की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की पूर्व न्यायाधीश नवनीतम नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद अमेरिका ने आईसीसी पर प्रतिबंधों का ऐलान किया है। यह घोषणा नार्वे की नोबेल कमेटी के फैसले के कुछ ही देर बाद की गई।

अमेरिकी प्रशासन के इस कदम से न्यायालय के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आईसीसी ने कहा है कि वह अपने काम से पीछे नहीं हटेगा और जांच तथा मामलों के अभियोजन की प्रक्रिया जारी रखेगा।

अमेरिका ने क्या कदम उठाया

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि आईसीसी के लिए होने वाले धन के लेन-देन को रोका जाएगा। उनके अनुसार, न्यायालय के संसाधनों को खत्म करने और अमेरिका के खिलाफ उसकी कार्यक्षमता रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबंधों के तहत आईसीसी की संपत्तियों और संसाधनों को जब्त करने की कार्रवाई भी शामिल है। अमेरिकी कंपनियों को न्यायालय के साथ काम और कारोबार समाप्त करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।

रूबियो ने कहा कि अमेरिका और अमेरिकी नागरिक आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। उन्होंने न्यायालय को फर्जी और अमेरिका विरोधी बताया। उनके मुताबिक, आईसीसी को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं की राय समान है और दोनों दल उसके खिलाफ कार्रवाई पर सहमत हैं।

आईसीसी ने फैसले की आलोचना की

आईसीसी की डिप्टी प्रोसीक्यूटर नजहत शमीम खान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर करने की कोशिश है। उनके अनुसार, न्यायालय स्वतंत्र रूप से काम करता रहेगा और प्रतिबंध उसकी जांच तथा अभियोजन की प्रक्रिया को रोक नहीं पाएंगे।

आईसीसी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ युद्ध अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी कर रखे हैं। अमेरिका का कहना है कि न्यायालय अमेरिकी और इजरायली लोगों के खिलाफ युद्ध अपराधों के भेदभावपूर्ण आरोपों पर सुनवाई करता है।

नोबेल पुरस्कार को लेकर ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पिछले 2 वर्षों में कई बार अपने लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर चुके थे। वह दुनिया के आठ युद्ध समाप्त कराने का श्रेय लेते हुए यह पुरस्कार दिए जाने की मांग करते रहे हैं।

शुक्रवार को नोबेल कमेटी ने नवी पिल्लै को पुरस्कार देने की घोषणा की। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप के नाम की शांति पुरस्कार के लिए आधिकारिक सिफारिश की थी। source में इस सिफारिश के बाद पाकिस्तान में उसका मजाक बनाए जाने का उल्लेख है।

निष्कर्ष

नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा और अमेरिका के आईसीसी पर प्रतिबंधों का ऐलान एक ही दिन सामने आया। अमेरिकी प्रशासन ने न्यायालय के खिलाफ वित्तीय और कारोबारी कदम उठाए हैं, जबकि आईसीसी ने जांच और अभियोजन जारी रखने की बात कही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. अमेरिका ने आईसीसी पर प्रतिबंध कब घोषित किए?

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नवी पिल्लै के नाम की घोषणा के कुछ ही देर बाद अमेरिका ने प्रतिबंधों का ऐलान किया।

Q. अमेरिकी प्रतिबंधों में क्या कार्रवाई शामिल है?

आईसीसी की संपत्तियों और संसाधनों को जब्त करने की कार्रवाई शामिल है। अमेरिकी कंपनियों को न्यायालय के साथ काम और कारोबार खत्म करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।

Q. अमेरिका ने आईसीसी के खिलाफ क्या आरोप लगाया है?

अमेरिका का कहना है कि आईसीसी अमेरिकी और इजरायली लोगों के खिलाफ युद्ध अपराधों के भेदभावपूर्ण आरोपों पर सुनवाई करता है।

Q. आईसीसी ने अमेरिकी फैसले पर क्या कहा?

आईसीसी की डिप्टी प्रोसीक्यूटर नजहत शमीम खान ने फैसले को निंदनीय बताया। न्यायालय ने कहा कि उसका काम जारी रहेगा।

Q. आईसीसी ने किन नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं?

आईसीसी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।