लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने 85,854 Form-7 आवेदनों को लेकर लगाए गए आरोपों पर सफाई दी। आरोप था कि निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर ने बिना किसी वजह के ये आवेदन अपने-आप तैयार किए और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को उन पर कार्रवाई करनी पड़ी।

रिनवा ने इस दावे को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह मामला उत्तर प्रदेश में स्वयं शुरू की गई जांच के तहत नोटिस पाने वाले लोगों से जुड़ा है। यह जांच 3 crore 26 lakh लोगों को कवर करती है।

उनके मुताबिक, इस समूह में 2 crore 22 lakh लोग ऐसे थे जिन्होंने गणना फॉर्म भरा था और जिनके नाम मतदाता सूची के मसौदे में दिखाई दिए। इन लोगों के रिकॉर्ड की मैपिंग में तार्किक विसंगतियां पाई गईं।

विवाद किस बात पर है

विवाद का केंद्र 85,854 Form-7 आवेदन हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर ने इन आवेदनों को स्वतः तैयार किया। इस दावे के अनुसार, बाद में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को इन आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ानी पड़ी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस व्याख्या से अलग संदर्भ सामने रखा। उन्होंने कहा कि संबंधित आवेदन उन लोगों से जुड़े हैं, जिन्हें जांच के तहत नोटिस जारी किए गए थे। यानी उनके बयान के अनुसार, इन मामलों को व्यापक जांच और रिकॉर्ड की मैपिंग में सामने आई विसंगतियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

मतदाता रिकॉर्ड और मैपिंग का संदर्भ

रिनवा के बयान में दो समूहों का उल्लेख है। जांच के दायरे में 3 crore 26 lakh लोग थे। इनमें 2 crore 22 lakh लोगों ने गणना फॉर्म भरा और उनके नाम मतदाता सूची के मसौदे में शामिल रहे।

इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ रिकॉर्ड की मैपिंग में तार्किक विसंगतियां मिलने की बात कही गई। उपलब्ध जानकारी में इन विसंगतियों का अलग-अलग स्वरूप या उनके समाधान की प्रक्रिया नहीं बताई गई है।

इसलिए मौजूदा विवाद में दो अलग दावों को अलग रखना जरूरी है। एक आरोप सॉफ्टवेयर द्वारा Form-7 आवेदन स्वतः तैयार किए जाने से जुड़ा है। दूसरा पक्ष इन आवेदनों को जांच के दौरान नोटिस पाए लोगों और रिकॉर्ड की मैपिंग में मिली विसंगतियों से जोड़ रहा है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 85,854 Form-7 आवेदनों को लेकर लगाए गए आरोपों पर कहा कि ये मामले स्वयं शुरू की गई जांच के तहत नोटिस पाए लोगों से संबंधित हैं। उनके अनुसार, जांच के दायरे में 3 crore 26 lakh लोग थे और 2 crore 22 lakh लोगों के रिकॉर्ड में मैपिंग से जुड़ी तार्किक विसंगतियां मिलीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. विवाद किस संख्या के Form-7 आवेदनों को लेकर है?

विवाद 85,854 Form-7 आवेदनों को लेकर है।

Q. इस मामले पर किस अधिकारी ने सफाई दी?

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस पर स्पष्टीकरण दिया।

Q. आरोप क्या लगाया गया था?

आरोप था कि निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर ने बिना किसी वजह के Form-7 आवेदन अपने-आप तैयार किए।

Q. जांच का दायरा कितने लोगों तक था?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, स्वयं शुरू की गई जांच 3 crore 26 lakh लोगों से संबंधित थी।

Q. इनमें कितने लोगों ने गणना फॉर्म भरा था?

रिनवा के अनुसार, 2 crore 22 lakh लोगों ने गणना फॉर्म भरा था और उनके नाम मतदाता सूची के मसौदे में दिखाई दिए।

Q. रिकॉर्ड में क्या समस्या बताई गई?

रिकॉर्ड की मैपिंग में तार्किक विसंगतियां मिलने की बात कही गई है।