अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने वाले संघर्षविराम की घोषणा की है। यह ऐलान तत्काल प्रभाव से लागू होने की बात के साथ किया गया, लेकिन इसकी अवधि और निगरानी की व्यवस्था स्पष्ट नहीं की गई।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह जानकारी उनके लिए नई है। उन्होंने बताया कि उन्हें समझौते का विवरण नहीं मिला है और वह अमेरिकी पक्ष से पूरी जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

जेलेंस्की के मुताबिक, अगर रूस ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, तो यूक्रेन भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को यह बताया जाना चाहिए कि संघर्षविराम कब से प्रभावी होगा, खासकर अगर ट्रंप ने इस विषय पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि दोनों देश ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हुए हैं। उन्होंने रूस और यूक्रेन से इस व्यवस्था का उल्लंघन नहीं करने की अपील की। हालांकि, उनके बयान में समझौते की समयसीमा और उसे लागू कराने की प्रक्रिया का उल्लेख नहीं था।

रूस की प्रतिक्रिया और यूक्रेन का रुख

ट्रंप की घोषणा के बाद रूस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसी वजह से इस संघर्षविराम की वास्तविक स्थिति और दोनों पक्षों की सहमति को लेकर सवाल बने हुए हैं।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन तनाव घटाने और लोगों की जान बचाने वाले कदमों का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश अपनी आजादी, संप्रभुता, घरों और नागरिकों की रक्षा जारी रखेगा।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, नाटो महासचिव मार्क रुटे और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से बातचीत की है। उन्होंने अमेरिकी पक्ष से समझौते की पूरी जानकारी साझा करने की अपील की।

हमलों को लेकर जेलेंस्की का आरोप

घोषणा के कुछ घंटे बाद जेलेंस्की ने रूस पर कीव के एक बिजली संयंत्र को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, हमले में शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने खारकीव क्षेत्र में ऊर्जा से जुड़ी दूसरी सुविधाओं पर हमले का भी दावा किया।

जेलेंस्की ने सवाल उठाया कि ऊर्जा ठिकानों पर संघर्षविराम की घोषणा के बाद ऐसे हमले कैसे हुए। इन घटनाओं और संघर्षविराम की स्थिति पर रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

रिफाइनरियों पर हमले और चुनाव का मुद्दा

ऊर्जा ठिकानों पर संघर्षविराम की घोषणा से पहले ट्रंप ने यूक्रेन पर रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने का दबाव बढ़ाया था। उन्होंने जेलेंस्की को रूसी रिफाइनरियों पर हमले बंद करने की चेतावनी दी थी।

ट्रंप ने यह भी कहा था कि यूक्रेन को ऐसा नया नेता चुनना चाहिए जो रूस के साथ समझौता कर सके। उन्होंने 2019 के बाद से यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव नहीं होने का मुद्दा उठाया और दावा किया कि जेलेंस्की रूस के साथ शांति समझौते के कई अवसर खो चुके हैं।

जेलेंस्की ने जवाब दिया कि यूक्रेन का नेता कौन होगा, इसका फैसला वहां के नागरिक करेंगे। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान चुनाव कराना बेहद मुश्किल है और इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचे तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने ट्रंप से पुतिन को 2 महीने यानी 60 दिन के पूर्ण संघर्षविराम के लिए मनाने की अपील भी की थी। जेलेंस्की के मुताबिक, इतने समय तक युद्ध रुकने पर यूक्रेन चुनाव कराने की व्यवस्था कर सकता है।

निष्कर्ष

ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा की है, लेकिन जेलेंस्की के अनुसार यूक्रेन को अभी इसके विवरण और लागू होने का समय नहीं बताया गया है। रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही इस व्यवस्था की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ट्रंप ने किस संघर्षविराम की घोषणा की?

ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा की।

Q. जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि यह जानकारी उनके लिए नई है और उन्हें समझौते का विवरण नहीं मिला है।

Q. क्या यूक्रेन ने प्रस्ताव स्वीकार किया है?

जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को तैयार है, तो यूक्रेन भी इसके लिए सहमत होगा।

Q. रूस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?

रूस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

Q. जेलेंस्की ने रूस पर क्या आरोप लगाया?

उन्होंने कीव के एक बिजली संयंत्र और खारकीव क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले का आरोप लगाया।

Q. चुनाव को लेकर जेलेंस्की का क्या कहना है?

उन्होंने कहा कि नेता का फैसला यूक्रेन के नागरिक करेंगे और युद्ध के दौरान चुनाव कराना बेहद मुश्किल है।