सुपर अल नीनो (Super El Niño) के संभावित असर को लेकर एक अध्ययन में दुनियाभर में गर्मी से जुड़ी अतिरिक्त मौतों का अनुमान जारी किया गया है। शिकागो विश्वविद्यालय की क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के मुताबिक, सितंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच करीब 4 लाख 51 हजार अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं।

भारत भी इस जोखिम से अछूता नहीं रहेगा। अध्ययन में देश में लगभग 15,800 अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया गया है। इनमें करीब 7,400 मौतें दिसंबर से फरवरी के बीच होने की संभावना बताई गई है।

तापमान और गर्म दिनों का अनुमान

अध्ययन के अनुसार, अल नीनो के दौरान वैश्विक भूमि तापमान सामान्य स्तर से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। सामान्य वर्ष की तुलना में अत्यधिक गर्म दिनों की संख्या 44 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के कारण 20 साल बाद आने वाले तापमान जैसी हो सकती है। अध्ययन के मुताबिक, गर्मी के मौसम में भारत में अनुमानित अतिरिक्त मौतों की संख्या और बढ़ सकती है।

अध्ययन में क्या कहा गया

क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के सह-संस्थापक माइकल ग्रीनस्टोन ने कहा कि तापमान का फसलों पर असर लंबे समय से अनुमानित किया जा सकता था। उनके मुताबिक, अब मौतों जैसे गंभीर परिणामों का भी अनुमान लगाया जा सकता है।

ग्रीनस्टोन ने कहा कि यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं को उन जगहों की पहचान में मदद करती है, जहां तुरंत कार्रवाई से हजारों जानें बचाई जा सकती हैं।

अध्ययन में गर्मी की चेतावनी जारी करने और कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा कूलिंग सेंटर और हाइड्रेशन स्टेशन बनाने, श्रमिकों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने जैसे उपाय सुझाए गए हैं।

भारत पर संभावित असर

भारत के लिए अध्ययन का सबसे अहम संकेत अतिरिक्त गर्मी से जुड़ी मौतों का अनुमान है। दिसंबर से फरवरी के बीच करीब 7,400 मौतों की संभावना इस जोखिम को सर्दियों के महीनों तक जोड़ती है।

अध्ययन में यह भी कहा गया है कि गर्मी के मौसम में मौतों का अनुमान बढ़ सकता है। हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग आंकड़े इस रिपोर्ट में नहीं दिए गए हैं।

निष्कर्ष

अध्ययन के अनुसार, सुपर अल नीनो से तापमान और अत्यधिक गर्म दिनों में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत में लगभग 15,800 अतिरिक्त मौतों का अनुमान इस जोखिम की गंभीरता को सामने रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सुपर अल नीनो से कितनी मौतों का अनुमान है?

अध्ययन में सितंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच दुनियाभर में करीब 4 लाख 51 हजार अतिरिक्त गर्मी से जुड़ी मौतों का अनुमान है।

Q. भारत में कितनी अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं?

भारत में लगभग 15,800 अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया गया है।

Q. भारत में किस अवधि में करीब 7,400 मौतों का अनुमान है?

अध्ययन के अनुसार, करीब 7,400 मौतें दिसंबर से फरवरी के बीच हो सकती हैं।

Q. तापमान कितना बढ़ने का अनुमान है?

वैश्विक भूमि तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है।

Q. अत्यधिक गर्म दिनों में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

सामान्य वर्ष की तुलना में अत्यधिक गर्म दिनों की संख्या 44 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

Q. अध्ययन में किन उपायों पर जोर दिया गया है?

अध्ययन में गर्मी की चेतावनी, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, कूलिंग सेंटर, हाइड्रेशन स्टेशन, श्रमिक सुरक्षा और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर दिया गया है।