रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए जोरदार धमाके में कम से कम एक दर्जन लोगों की मौत की खबर है। तीन सौ से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में सऊदी अरब, बांग्लादेश, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सूडान और सीरिया के नागरिक शामिल बताए गए हैं।

धमाके के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया। आसपास एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस देखी गईं और हवाई अड्डे के ऊपर एक हेलिकॉप्टर उड़ता नजर आया। एक चश्मदीद और मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, घटना के बाद एयरपोर्ट की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं।

उड़ानें रद्द और डायवर्ट

एतिहाद और कतर एयरवेज ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। इनमें कुछ उड़ानों को सोमवार तक रद्द रखा गया है। फ्लाइट ट्रैकिंग साइट फ्लाइटराडार24 के अनुसार, धमाके के बाद रियाद जाने वाले यात्री विमानों को या तो रद्द किया गया या दूसरे स्थानों की ओर भेज दिया गया।

यात्रियों से कहा गया है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और उड़ान की मौजूदा स्थिति जांच लें। इससे रियाद जाने वाले यात्रियों के सफर पर सीधा असर पड़ा है।

सऊदी सरकार के सूचना कार्यालय और सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इसलिए धमाके की आधिकारिक पुष्टि और इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

हूतियों ने बदले की कार्रवाई बताया

हूती आंदोलन ने कहा है कि हमला सऊदी अरब से बदला लेने के लिए किया गया। यह दावा यमन में सऊदी-समर्थित सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ती लड़ाई के दौरान सामने आया है। हूती गुट यमन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के बड़े क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, यह घटना गुरुवार को एयरपोर्ट पर हुए दो हमलों के बाद हुई। उन हमलों में एक पायलट समेत तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई थी। हूती आंदोलन ने उन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। अधिकारियों के मुताबिक, छह और सात अक्टूबर को सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन अन्य लोगों की भी मौत हुई थी।

हूती संगठन का कहना है कि सऊदी अरब पर उसके हमले यमन के गृह युद्ध में सरकारी सेनाओं को सऊदी समर्थन देने का जवाब हैं। संगठन ने सऊदी अरब की ओर से जारी नाकेबंदी और सना एयरपोर्ट पर हवाई हमलों को भी अपनी कार्रवाई की वजह बताया है।

यमन संघर्ष और लाल सागर का असर

यमन के लाल सागर तट पर रणनीतिक इलाकों को लेकर संघर्ष तेज हुआ है। इनमें बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास स्थित मोखा बंदरगाह भी शामिल है। यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण और संकरा रास्ता है।

यमन की सरकार समर्थक सेनाओं ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लिया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में यमन में हस्तक्षेप किया था। उसका उद्देश्य हूती विद्रोहियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से देश का नियंत्रण लेने से रोकना था।

सालों तक चले हवाई हमलों और जमीनी लड़ाई के बीच यमन में मानवीय संकट पैदा हुआ। इस संघर्ष में लाखों लोगों की जान जाने की बात कही गई है। 2022 में हुआ अस्थायी युद्धविराम जुलाई में कमजोर पड़ने लगा था। इसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया और लाल सागर में एयरपोर्ट, तेल सुविधाओं और टैंकरों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की बात कही।

सम्मेलन तय कार्यक्रम के अनुसार

रियाद एयरपोर्ट पर हमला ऐसे समय हुआ है, जब शहर में ऊर्जा और निवेश से जुड़े बड़े कार्यक्रम होने वाले हैं। आयोजकों ने शनिवार को कहा कि सम्मेलन पहले से तय योजना के अनुसार होंगे।

# पिछला हमला कब हुआ था?

बीते सप्ताह भी एयरपोर्ट पर हमले हुए थे। उन घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे।

निष्कर्ष

रियाद एयरपोर्ट धमाके के बाद यात्रियों को उड़ानों की स्थिति जांचने को कहा गया है और कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट हुई हैं। हूतियों ने हमले को बदले की कार्रवाई बताया है, लेकिन सऊदी अधिकारियों की ओर से घटना पर आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रियाद एयरपोर्ट पर क्या हुआ?

शनिवार को रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार धमाका हुआ। इसमें कम से कम एक दर्जन लोगों की मौत और तीन सौ से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

Q. हमले की जिम्मेदारी किसने ली?

हूती आंदोलन ने हमले को सऊदी अरब से बदले की कार्रवाई बताया है।

Q. उड़ानों पर क्या असर पड़ा?

कई उड़ानें रद्द की गईं या दूसरे स्थानों की ओर भेजी गईं। एतिहाद और कतर एयरवेज ने भी कुछ उड़ानें सोमवार तक रद्द की हैं।

Q. क्या सऊदी सरकार ने घटना की पुष्टि की है?

सऊदी सरकार के सूचना कार्यालय और सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

Q. यात्रियों को क्या बताया गया है?

यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करने और उड़ान की मौजूदा स्थिति जांचने को कहा गया है।

Q. हमले के समय रियाद में कौन से कार्यक्रम होने वाले थे?

शहर में ऊर्जा और निवेश से जुड़े बड़े कार्यक्रम होने वाले थे। आयोजकों ने कहा कि सम्मेलन तय योजना के अनुसार होंगे।